प्रेमानंद महाराज ने नदियों के हाल पर जताई चिंता, कहा- मां कहकर भी लोग कर रहे हैं बर्बादीप्रेमानंद महाराज ने नदियों के हाल पर जताई चिंता, कहा- मां कहकर भी लोग कर रहे हैं बर्बादीप्रेमानंद महाराज ने गंगा और यमुना की बढ़ती गंदगी और प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है.उन्होंने कहा कि नदियों को मां कहकर सम्मान देने के बावजूद लोग उनमें कूड़ा, गंदा पानी और नाले छोड़ रहे हैं. भारत में नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और जीवन का आधार माना जाता है.समय के साथ देखा गया है कि हमारी श्रद्धा और व्यवहार में फर्क है; जिन नदियों की पूजा होती है, वही आज प्रदूषण झेल रही हैं. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि कई विदेशी देशों में नदियां और जलाशय पूरी तरह स्वच्छ रहते हैं, जबकि भारत में हम नदियों को मां कहकर भी गंदगी में डाल रहे हैं.उन्होंने पूछा कि अगर नदियों को हम मां मानते हैं, तो उन्हें गंदा क्यों कर रहे हैं?शहरों के नालों और गंदगी के कारण नदियों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, क्योंकि ज्यादातर शहर नदियों के किनारे बसे हैं.महाराज ने याद दिलाया कि पहले वृंदावन में यमुना का पानी साफ और श्रद्धापूर्वक पीया जाता था. अब वही यमुना प्रदूषित दिखती है, जिससे भीतर से बहुत पीड़ा होती है और लोग इसे पवित्र मानने में मुश्किल महसूस करते हैं. यह स्थिति न केवल प्रकृति के लिए खतरा है, बल्कि हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं के लिए भी दुखद है.