राहत इंदौरी की ये शायरी सुन झूम उठेगा दिल

शायरी और नज्म की दुनिया के प्रसिद्ध शायर राहत इंदौरी की ये कुछ चर्चित शायरी.

माचिस की जरूरत यहां नहीं पड़ती, यहां आदमी आदमी से जलता है.

आंखों में पानी रखो, होठों पे चिंगारी रखो, जिन्दा रखना है तो तकलीफें बहुत सारी रखो.

मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता, यहां हर एक मौसम को गुज़र जाने की जल्दी थी

अकेला खुश हूं मैं परेशान मत कर, इश्क़ है तो इश्क़ कर, एहसान मत कर.

अब तो ना हूं मैं और ना ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर है शहरों में फ़साने मेरे

जाने मुझको क्या सूझी है शब्दों की अंगड़ाई में, मीर की गज़लें ढूंढ़ रहा हूं तुलसी की चौपाई में

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