पेड़-पौधों का बार-बार सुखना है पितृ दोष का संकेत, जानें उपाय

पेड़-पौधों का बार-बार सुखना है पितृ दोष का संकेत, जानें उपाय

जब पूर्वजों की आत्मा असंतुष्ट होती है, उसे पितृ दोष कहते हैं, जिसे ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में गंभीर दोष माना जाता है

पितर नाराज होते हैं, तो घर में तरह-तरह की परेशानियां और पराविर वाले बिमार होते है और आर्थिक तंगी भी बढ़ती है

पितृ दोष का एक प्रमुख संकेत है घर के पेड़-पौधों का बार-बार सुखना या मुरझाना, खासकर तुलसी, पीपल, आम या नीम का पेड़.

पीपल के पेड़ में पितरों का निवास होता है और तुलसी का पौधा भी विष्णु का प्रतीक होता है. इसलिए इनका मुरझाना घर में लक्ष्मी और पितृ दोष का प्रभाव दिखाता है.

जब पितरों को श्राद्ध-तर्पण नहीं मिलता या उनकी आत्मा भटक रही होती है, तो इसका नकारात्मक असर पौधों पर पड़ता है.

पितृ दोष को दूर करने के लिए इसके उपाय भी बताए गए , आइये जानते हैं क्या है इसके उपाय.

पितृ पक्ष में या अमावस्या पर काले तिल, जौ, कुश और जल से तर्पण करें विधिवत श्राद्ध करें.

महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्' मंत्र का 108 बार जाप करें.

दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पितरों का स्मरण करें

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