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पूर्वोत्तर का ये जिला है 'विश्व की चाय राजधानी'

पूर्वोत्तर का ये जिला है 'विश्व की चाय राजधानी' 

जोरहाट को अक्सर "विश्व की चाय राजधानी" कहा जाता है. यह शहर चाय बागानों से घिरा हुआ है.

टी कैपिटल ऑफ़ इंडिया

टॉकलाई चाय अनुसंधान संस्थान जोरहाट में स्थित है जो विश्व का सबसे पुराना और सबसे बड़ा चाय अनुसंधान केंद्र है.

टॉकलाई चाय अनुसंधान संस्थान

असम के डिब्रूगढ़ और जोरहाट जिले प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं.

डिब्रूगढ़ और जोरहाट प्रमुख उत्पादक

असम भारत के कुल चाय उत्पादन का 50% से अधिक उत्पादन करता है

असम का कुल चाय उत्पादन

इस राज्य में 800 से अधिक चाय बागान हैं, जिनमें से कई ब्रिटिश औपनिवेशिक काल से मौजूद हैं

औपनिवेशिक काल से हैं बागान 

ब्रह्मपुत्र घाटी अपनी अनूठी जलवायु और मिट्टी के साथ, चाय की खेती के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करती है

ब्रह्मपुत्र घाटी बनाती है उपयुक्त जलवायु

अंग्रेजों ने 1820 के दशक में यहां जंगली चाय के पौधे खोजे, जिसके बाद यह क्षेत्र चाय उत्पादन का गढ़ बन गया

19वीं सदी में शुरू हुई चाय की खेती

अंग्रेजों ने 1820 के दशक में यहां जंगली चाय के पौधे खोजे, जिसके बाद यह क्षेत्र चाय उत्पादन का गढ़ बन गया

19वीं सदी में शुरू हुई चाय की खेती

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