ताजी और फ्रोजन मटर में क्या है फर्क? एक्सपर्ट से जानिए
ताजी और फ्रोजन मटर में क्या है फर्क? एक्सपर्ट से जानिए
सर्दियों के मौसम में बाज़ार ताज़ी हरी मटर से भर जाते हैं सब्ज़ियों से लेकर स्नैक्स तक, मटर हर डिश का स्वाद बढ़ा देती है.
लेकिन जैसे ही सर्दियां खत्म होती हैं, ताज़ी हरी मटर बाज़ार से गायब हो जाती है. ऐसे में लोग फ्रोजन मटर का सहारा लेते हैं.
हालांकि, कई लोग सोचते हैं कि क्या फ्रोजन मटर हेल्दी होती है या वे ताज़ी मटर जितनी फायदेमंद नहीं होतीं?
तो, आइए आपको बताते हैं कि फ्रोजन मटर ताज़ी मटर से कैसे अलग होती है और इनका सेवन करना सही है या गलत.
प्रोटीन और पोषक तत्वों सोर्स- हरी मटर को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन सोर्स माना जाता है. इनमें प्रोटीन के साथ-साथ कई ज़रूरी विटामिन और मिनरल्स होते हैं.
फ्रोजन मटर कैसे तैयार की जाती है?- फ्रोजन मटर को तब तोड़ा जाता है जब वे पूरी तरह पक जाती हैं. फिर उन्हें लगभग -18 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीज किया जाता है.
क्या फ्रोजन मटर अनहेल्दी या हेल्दी होती है?- बिल्कूल नहीं, न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि फ्रोजन मटर में ताज़ी हरी मटर जितना ही प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स होते हैं.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ताज़ी और फ्रोजन मटर के पोषण मूल्य में कोई खास अंतर नहीं होता है.