यदि आपको भी राह चलते कुत्ता काट लें तो घबराने या परेशान होने के बजाए करीबी अस्पताल या सीधे घर जाएं.
सबसे पहले जख्म को बहते पानी और साबुन से 10 मिनट कर धोएं ताकि वायरस न फैल पाए और इसका असर कम हो
जख्म चाहे ज्यादा हो या कम, इसे साफ करने के बाद तुरंत डॉक्टर से जांच कराए ताकि एंटी-रेबीज वैक्सीन और टिटनेस इंजेक्शन लग सके.
WHO की रेबीज प्री और पोस्ट एक्सपोजर प्रॉफिलेक्सिस इन ह्यूमन कहती हैं कि कुत्ता काटने पर पैनिक होने के बजाए संक्रमण रोकने के मेडिकल ट्रीटमेंट कराने चाहिए.
क्योंकि रेबीज जानलेवा बीमारी है, जिससे बचने का एक मात्र उपाय वैक्सीन है. कुछ दिनों के अंतराल पर इसकी 5 डोज लगाई जाती हैं.
कुछ लोग कुत्ता काटने पर हल्दी, तेल या नींबू लगाने जैसे घरेलू उपाय करते हैं, जो सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं और संक्रमण को भी बढ़ा सकते हैं.
ऐसी घटना होने पर ध्यान दें कि कुत्ता आवाराथा या पालतू. यदि पालतू कुत्ता है तो मालिक से मिलके कु्त्ते की मेडिकल हिस्ट्री पता करें ताकि संक्रमण से बचा जा सके.
कुत्ता काटने के बाद तेज बुखार, पानी से डर, बेचैनी, भ्रम, बोलने या निगलने में परेशानी हो तो डॉक्टर से मिलें, क्योंकि ये रेबीज के लक्षण हैं.