Angel Nuzhat News: सोशल मीडिया पर पिछले दिनों 19 मिनट 34 सेकंड के वायरल वीडियो ने खूब चर्चा बटोरी थी. अब फिर से एक वीडियो के वायरल होने का दावा किया जा रहा है और लोग उसे सर्च भी कर रहे हैं. इस बार दावा किया जा रहा है कि एंजल नुजहत का एक 12 मिनट का प्राइवेट एमएमएस वीडियो वायरल हो गया है. ऐसे में कई सोशल मीडिया यूजर्स इस नाम से वीडियो को सर्च करने में लगे हैं. हालांकि, जो लोग इस तरह के वीडियो को सर्च कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यह पूरी तरह से एक घोस्ट फाइल स्कैम है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर Angel Nuzhat Private Video खूब सर्च हो रहा है और एक तथाकथित 12-मिनट का वायरल MMS वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. वहीं साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा कोई वीडियो है ही नहीं. यह सिर्फ घोस्ट फाइल ट्रैप में फंसाने की साइबर स्कैमर्स की चाल है.
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार एंजल नुजहत भी एक फेक पहचान है. ठगी करने के लिए हैकर्स अब इन तरीकों को अपना रहे हैं. हैकर्स इस तरह के समय का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे यूजर्स को लगे कि वीडियो असली है. लेकिन जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं तो वीडियो तो प्ले नहीं होता है लेकिन आपके फोन में एक APK फाइल या मैलवेयर स्क्रिप्ट गुपचुप तरीके से डाउनलोड हो जाती है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा चलन एक जाल जैसा है, जिसे लोगों की जिज्ञासा का फायदा उठाने और हानिकारक लिंक फैलाने के लिए बनाया गया है. व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एक्स और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर इस क्लिप को लेकर चर्चा तेजी से फैलने के साथ ही, तथ्य-जांच रिपोर्टों में ऐसी किसी क्लिप का कोई प्रमाण नहीं मिला है.
ठगी से बचने के लिए करें ये काम
- कोई भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, जिसमें प्राइवेट वीडियो या फिर लीक MMS का दावा किया जा रहा हो.
- वीडियो के नाम पर कोई .apk, .exe या .zip फाइल डाउनलोड करने को कहे तो उसे तुरंत डिलीट कर दें.
घोस्ट फाइल से कैसे की जाती है ठगी?
- घोस्ट फाइल के डिवाइस में पहुंचते हैकर्स के पास आपके फोन का कंट्रोल चला जाता है.
- इसके बाद कीबोर्ड पर टाइप किए गए UPI पिन और नेट-बैंकिंग पासवर्ड को भी बता देता है.
- प्राइवेटी फोटो और वीडियो हैकर्स के सर्वर पर अपलोड हो जाते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद में सेक्सटोर्शन के लिए किया जा सकता है.
- यह आपके फोन पर आने वाले OTP को भी पढ़ सकता है. आपका फोन खुद-ब-खुद आपके कॉन्टैक्ट्स को वही स्कैम लिंक भेजने लगता है.