First Solar And Lunar Eclipse: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा. पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि में होगा. इस दिन सूर्य और चंद्रमा बिल्कुल एक रेखा में होंगे, जिससे सूर्य का कुछ हिस्सा ढक जाएगा.
यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे आम भाषा में रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है. इसका मतलब है कि सूर्य पूरी तरह से ढका नहीं होगा, बल्कि चारों ओर चमकते हुए घेरा दिखाई देगा. खगोल विज्ञान के नजरिए से यह दृश्य बहुत आकर्षक माना जाता है.
भारत पर असर
भारत से यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. मुख्य रूप से इसे दक्षिण अमेरिका और अन्य कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा. इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक या सामान्य कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं.
होली के दिन चंद्र ग्रहण
साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को होगा. यह फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि में पड़ रहा है, जो होली के साथ मेल खा रहा है.
ग्रहण का दृश्य
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) होगा. इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में चला जाएगा और उसका रंग गहरा लाल नजर आएगा.
भारत में दिखाई देगा असर
यह चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. इसलिए इसका सूतक काल प्रभावी रहेगा. परंपरा के अनुसार इस समय मंदिरों में पूजा-पाठ से दूरी बनाई जाती है और कुछ धार्मिक कार्य टालने की सलाह दी जाती है.
एक ही महीने में दो ग्रहण
फाल्गुन महीने में पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण एक साथ पड़ना ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जाता है.
सूर्य ग्रहण का भारत पर कोई प्रभाव नहीं होगा.
होली के दिन पड़ने वाला चंद्र ग्रहण लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का विषय बन जाएगा.
इस साल का यह खगोलीय संयोग न सिर्फ खगोल विज्ञान के लिए दिलचस्प है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना गया है.