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Chaitra Amavasya 2026: 18 या 19 मार्च किस दिन अमावस्या, पूजा का सही मुहूर्त, करें ये खास उपाय

Chaitra Amavasya 2026: भगवान सूर्य की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है अमावस्या का दिन. चैत्र अमावस्या की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय क्या है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 15, 2026 21:06:26 IST

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Chaitra Amavasya 2026: हिंदू पंचांग में चैत्र अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस दिन पितरों के तर्पण, स्नान-दान और पूजा का विशेष महत्व होता है. साल 2026 में चैत्र अमावस्या की तिथि को लेकर लोगों के बीच ऐसे सवाल है कि यह 18 मार्च को पड़ेगी या 19 मार्च को. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन किए जाने वाले धार्मिक उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी है. प्रत्येक माह अमावस्या तिथि दैनिक हिंदू पंचांग द्वारा तय किया जाता है. अमावस्या के दिन गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह और सगाई जैसे किसी भी शुभ कार्य को करना अशुभ माना जाता है.

इस अमावस्या के दिन पवित्र गंगा में स्नान, हवन करना, ब्राह्मणों को भोजन कराना, भिक्षाटन करना और पितृ तर्पण, पितृ पूजा और पिंड दान के माध्यम से पूर्वजों से प्रार्थना करना जैसे धार्मिक कार्य करने के लिए भाग्यशाली माने जाते हैं. मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या, शनिचरी अमावस्या, कार्तिक अमावस्या, महालया अमावस्या या सर्व पितृ अमावस्या, हरियाली अमावस्या और वट अमावस्या हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय अमावस्या में से हैं.

किस दिन है अमावस्या

वैदिक पंचांग के आधार पर, चैत्र अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मार्च दिन बुधवार को सुबह में 8 बजकर 25 मिनट पर है. इस तिथि का समापन 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी. 18 मार्च को सूर्योदय के बाद चैत्र अमावस्या की तिथि शुरू होगी और 19 मार्च को सूर्योदय के बाद तक है. ऐसे में चैत्र अमावस्या की उदयातिथि 19 मार्च को प्राप्त हो रही है. हिंदू पंचांग में उदया तिथि को अधिक महत्व दिया जाता है. इसलिए 2026 में चैत्र अमावस्या 19 मार्च को ही मनाई जाएगी. 

चैत्र अमावस्या 2026 का शुभ मुहूर्त

चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान के लिए कुछ विशेष मुहूर्त बताए गए हैं.

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:08 बजे से 05:56 बजे तक
  • प्रातः संध्या मुहूर्त – 05:32 बजे से 06:44 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:22 बजे से 01:11 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:47 बजे से 03:36 बजे तक

चैत्र अमावस्या पर सूर्य उपासना का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या का दिन सूर्यदेव की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कई दोष शांत होते हैं. 

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Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 15, 2026 21:06:26 IST

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Chaitra Amavasya 2026: हिंदू पंचांग में चैत्र अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस दिन पितरों के तर्पण, स्नान-दान और पूजा का विशेष महत्व होता है. साल 2026 में चैत्र अमावस्या की तिथि को लेकर लोगों के बीच ऐसे सवाल है कि यह 18 मार्च को पड़ेगी या 19 मार्च को. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन किए जाने वाले धार्मिक उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी है. प्रत्येक माह अमावस्या तिथि दैनिक हिंदू पंचांग द्वारा तय किया जाता है. अमावस्या के दिन गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह और सगाई जैसे किसी भी शुभ कार्य को करना अशुभ माना जाता है.

इस अमावस्या के दिन पवित्र गंगा में स्नान, हवन करना, ब्राह्मणों को भोजन कराना, भिक्षाटन करना और पितृ तर्पण, पितृ पूजा और पिंड दान के माध्यम से पूर्वजों से प्रार्थना करना जैसे धार्मिक कार्य करने के लिए भाग्यशाली माने जाते हैं. मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या, शनिचरी अमावस्या, कार्तिक अमावस्या, महालया अमावस्या या सर्व पितृ अमावस्या, हरियाली अमावस्या और वट अमावस्या हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय अमावस्या में से हैं.

किस दिन है अमावस्या

वैदिक पंचांग के आधार पर, चैत्र अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मार्च दिन बुधवार को सुबह में 8 बजकर 25 मिनट पर है. इस तिथि का समापन 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी. 18 मार्च को सूर्योदय के बाद चैत्र अमावस्या की तिथि शुरू होगी और 19 मार्च को सूर्योदय के बाद तक है. ऐसे में चैत्र अमावस्या की उदयातिथि 19 मार्च को प्राप्त हो रही है. हिंदू पंचांग में उदया तिथि को अधिक महत्व दिया जाता है. इसलिए 2026 में चैत्र अमावस्या 19 मार्च को ही मनाई जाएगी. 

चैत्र अमावस्या 2026 का शुभ मुहूर्त

चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान के लिए कुछ विशेष मुहूर्त बताए गए हैं.

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:08 बजे से 05:56 बजे तक
  • प्रातः संध्या मुहूर्त – 05:32 बजे से 06:44 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:22 बजे से 01:11 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:47 बजे से 03:36 बजे तक

चैत्र अमावस्या पर सूर्य उपासना का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या का दिन सूर्यदेव की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कई दोष शांत होते हैं. 

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