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Chaitra Navratri 2026: किन शुभ योगों में शुरू होगी चैत्र नवरात्रि, घटस्थापना मुहूर्त, कलश स्थापना का सही समय

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत इस बार कई शुभ योगों के साथ हो रही है. जानें नवरात्रि कब से शुरू है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और कलश स्थापना के लिए सही समय कौन सी है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 15, 2026 17:30:20 IST

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Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है, जब माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत शुभ योगों के साथ होने जा रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद अच्छा मंगलकारी माना जा रहा है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह जानना जरूरी है कि नवरात्रि का आरंभ कब हो रहा है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और कलश स्थापना किस समय करना सबसे सही समय रहेगा.

चंद्र तिथियों में बदलाव के कारण नवरात्रि 8, 9 या 10 दिनों तक भी चल सकती है. ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, यह त्योहार आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है.

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथि

द्रिक पंचांग के मुताबिक चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार, 19 मार्च 2026 को प्रारंभ होगी. इसमें प्रतिपदा प्रारंभ तिथि- 19 मार्च 2026 है, और यह सुबह 6:52 बजे से है. प्रतिपदा समाप्त समय 20 मार्च 2026 सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर है. नवरात्रि का पहला व्रत इसी दिन रखा जाएगा, साथ ही कलश की स्थापना भी होगी.

चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त कब है?

इस साल कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. पहला मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक है तऔर दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:53 तक है. जिनके लिए सुबह के समय यह अनुष्ठान करना संभव नहीं हैं, वे दोपहर के मुहूर्त के दौरान ऐसा कर सकते हैं.

प्रतिपदा के शुभ योग क्या है?

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. इसके साथ ही शुक्ल योग और ब्रह्म योग भी बनेगा. शुक्ल योग सुबह से 1:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग शुरु होगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च को सुबह 4:05 बजे से 6:25 बजे तक प्रभावी रहेगा. शुक्ल योग के दौरान कलश स्थापना की जाएगी.

पहले दिन में राहु काल होगा

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राहु काल दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा. ऐसे समय में शुभ या महत्वपूर्ण गतिविधियों को करने से बचना उचित होगा.

डिस्कलेमर: यह लेख प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है. यहां दी गई जानकारी और तथ्यों की सटीकता या पूर्णता के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं है.

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Last Updated: March 15, 2026 17:30:20 IST

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Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है, जब माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत शुभ योगों के साथ होने जा रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद अच्छा मंगलकारी माना जा रहा है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह जानना जरूरी है कि नवरात्रि का आरंभ कब हो रहा है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और कलश स्थापना किस समय करना सबसे सही समय रहेगा.

चंद्र तिथियों में बदलाव के कारण नवरात्रि 8, 9 या 10 दिनों तक भी चल सकती है. ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, यह त्योहार आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है.

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथि

द्रिक पंचांग के मुताबिक चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार, 19 मार्च 2026 को प्रारंभ होगी. इसमें प्रतिपदा प्रारंभ तिथि- 19 मार्च 2026 है, और यह सुबह 6:52 बजे से है. प्रतिपदा समाप्त समय 20 मार्च 2026 सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर है. नवरात्रि का पहला व्रत इसी दिन रखा जाएगा, साथ ही कलश की स्थापना भी होगी.

चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त कब है?

इस साल कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. पहला मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक है तऔर दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:53 तक है. जिनके लिए सुबह के समय यह अनुष्ठान करना संभव नहीं हैं, वे दोपहर के मुहूर्त के दौरान ऐसा कर सकते हैं.

प्रतिपदा के शुभ योग क्या है?

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. इसके साथ ही शुक्ल योग और ब्रह्म योग भी बनेगा. शुक्ल योग सुबह से 1:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग शुरु होगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च को सुबह 4:05 बजे से 6:25 बजे तक प्रभावी रहेगा. शुक्ल योग के दौरान कलश स्थापना की जाएगी.

पहले दिन में राहु काल होगा

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राहु काल दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा. ऐसे समय में शुभ या महत्वपूर्ण गतिविधियों को करने से बचना उचित होगा.

डिस्कलेमर: यह लेख प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है. यहां दी गई जानकारी और तथ्यों की सटीकता या पूर्णता के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं है.

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