लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ दिन और समय
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर, 03:44 PM
- शुभ मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक
- अवधि: 01 घंटा 11 मिनट
- अमावस्या तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर, 05:54 PM
लग्न और चौघड़िया मुहूर्त में पूजा का महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार प्रदोष बेला में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है. इस वर्ष प्रदोष काल शाम 5 बजकर 51 मिनट से रात 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस दौरान द्वितीय लग्न 7 बजकर 18 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है.
- सिंह लग्न: मध्य रात्रि 1:48 से 4:00 बजे तक
- चर चौघड़िया समय: 5:51 PM से 7:26 PM तक
- लाभ चौघड़िया समय: 10:37 PM से 12:12 AM तक
- अमृत चौघड़िया समय: 1:48 AM से 4:58 AM तक
दिवाली पर पूजा विधि
- सबसे पहले घर के मंदिर और मुख्य द्वार को साफ करें और दीयों से सजाएं.
- लक्ष्मी जी और गणेश जी की प्रतिमा को लाल या पीले वस्त्र पर विराजित करें.
- पुष्प, धूप, दीप और मिठाई से पूजन करें.
- कनकधारा स्तोत्र, लक्ष्मी चालीसा या लक्ष्मी मंत्रों का जप करें.
- अंत में घर में दीप जलाएं और धन-समृद्धि की कामना करें.