Chaitra Navratri 2026: हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से हो रही है. इसी दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ नए संवत्सर का आरंभ होता है और चैत्र नवरात्रि भी शुरू होती है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस साल का नाम ‘रौद्र संवत्सर’ रहेगा. इस संवत्सर में बृहस्पति को राजा और मंगल को मंत्री का स्थान दिया गया है.
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को ज्ञान, धर्म और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और निर्णय क्षमता का कारक होता है. ऐसे में यह साल कई लोगों के लिए नए मौके, सफलता और बदलाव लेकर आ सकता है. हालांकि सभी राशियों पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं रहेगा,कुछ के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, तो कुछ को संभलकर कदम बढ़ाने की जरूरत होगी.
इन राशियों के लिए खुलेगा सफलता का दरवाजा
मिथुन राशि
नए साल में मिथुन राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वहीं व्यापार करने वालों को भी लाभ मिलने की संभावना है. मेहनत का फल मिलने के योग मजबूत नजर आ रहे हैं.
तुला राशि
तुला राशि के लिए यह वर्ष आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है. आय के नए स्रोत बन सकते हैं और बिजनेस में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. नौकरी में प्रमोशन या नई भूमिका मिलने के संकेत हैं. कुल मिलाकर कामकाज की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह समय करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है. आत्मविश्वास बढ़ेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है. नौकरी और व्यापार दोनों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.
मकर राशि
मकर राशि के लोगों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन रहे हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है. करियर में स्थिरता आएगी और काम में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं.
हिंदू नववर्ष 2083 से जुड़ी मुख्य बातें
- शुरुआत: 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
- तिथि: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
- संवत्सर: रौद्र संवत्सर
- राजा: बृहस्पति
- मंत्री: मंगल
- चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च से 27 मार्च 2026