Holika Dahan 2026: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन होलिका श्री हरी भक्त प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी थी, लेकिन खूद जलकर भस्म हो गई थी और प्रह्लाद की रक्षा हुई थी. इसलिए यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और होलिका की अग्नि नकारात्मकता को समाप्त करने वाली मानी गई है, मान्यता है कि होलिका दहन से निकली अग्नि की लपटों में सिर्फ लकड़ियां ही नहीं, जीवन की नकारात्मकता भी भस्म होता है. ऐसे में अगर आपके घर में किसी को बुरी नजर लगी है, तो होलिका दहन के दिन करने के लिए कुछ अचूक उपाय बताए गए है, आइये जानते हैं क्या है वो
गंदी नजर क्या होती है?
गंदी नजर एक ऐसी नकारात्मक ऊर्जा होती है, जो ईर्ष्या, द्वेष या जलन के कारण किसी की व्यक्ति की सफलता, खुशी, सुंदरता या स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. इसे अक्सर मानसिक नकारात्मकता के रूप में देखा जाता है. गंदी नजर लगने से किसी के बनते कार्यों में रुकावट आ सकती है और घर का माहौल भी प्रभावित होता है. ऐसे में अगर आपके घर में भी कोई बार-बार बीमार पड़ रहे हों, बिना वजहअचानक चिड़चिड़े हो गए हों, या उसके कोई काम में अड़चने आ रही हो, तो आप घर के किसी भी व्य्क्ति से यह उपाय कर सकते हैं.
नजर उतारने के लिए होलिका दहन पर करें ये सरल उपाय
1. सरसों और नमक से उतारें नज़र
अगर घर में किसी छोटे बच्चें को नजर लगी हुई है, वो चिड़चिड़ा हो रहा है, बार बार बीमार पड़ रहा है या दूध नहीं पी रहा है, तो आप ऐसे में एक मुट्ठी सरसों, थोड़ा सा नमक और सात साबुत लाल मिर्च लें. इन्हें बच्चे के सिर से सात बार घुमाए और फिर होलिका की अग्नि में डाल दें. मान्यता है कि ऐसा करने से गंदी नजर उतर जाती है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है.
2. नारियल से करें ये उपाय
अगर आपके काम पूरे नहीं हो रहे है, बार बार कोी ना कोई अड़चने आ रही है, तो आप एक साबुत नारियल ले और घर में जिस भी व्यक्ति के साथ ऐसा हो रहा है, उसके ऊपर से उतारकर होलिका में अर्पित करें. ध्यान रहें इस काम को करते हुए आप कोई टोके न, ऐसा करने से बुरी नजर दूर भाग जाती है.
3. काली उड़द और कपूर से उतारे नजर
काली उड़द और कपूर को साथ में लेकर नज़र उतारें और होलिका दहन की अग्नि में समर्पित कर दें. ऐसा करने से गंदी नजर उतर जाती है
आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी है
बता दें कि यह बताए गए सभी उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, लेकिन अगर घर में कोई ज्यादा बीमार हो रहा है या गंभीर लक्षण दिखे, तो उसे डॉक्टर के पास जरूर ले जाए.आस्था और चिकित्सा दोनों का संतुलन ही समझदारी कहलाता है.
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