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Home > एस्ट्रो > परशुराम जयंती पर इन 5 शक्तिशाली मंत्रों को नजरअंदाज किया तो बढ़ सकती हैं परेशानियां, जानें कैसे मिलेगा ज्ञान और बल!

परशुराम जयंती पर इन 5 शक्तिशाली मंत्रों को नजरअंदाज किया तो बढ़ सकती हैं परेशानियां, जानें कैसे मिलेगा ज्ञान और बल!

Parshuram Jayanti 2026: इस साल 19 अप्रैल का दिन खास है क्योंकि इसी दिन  परशुराम जयंती मनाई जा रही है,आइए जानते हैं कुछ खास  शक्तिशाली मंत्रों के बारे  में जिनका इस दिन जाप करना शुभ माना जाता है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 12, 2026 20:19:01 IST

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 Parshuram Ji Ke Mantra: परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है, जो वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है. साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा और मंत्र जप करने से जीवन में शुभ फल, शक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है. साथ ही, यह दिन विघ्न-बाधाओं को दूर करने के लिए भी बेहद खास माना जाता है.

अगर आप इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जप करते हैं, तो भगवान परशुराम की कृपा से जीवन की परेशानियां कम होने लगती हैं और आत्मबल भी बढ़ता है.

 भगवान परशुराम का ध्यान मंत्र

‘ॐ नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे. नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये’

पूजा की शुरुआत में इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. इससे भगवान परशुराम की कृपा प्राप्त होती है और पूजा सफल मानी जाती है.

परशुराम गायत्री मंत्र

‘ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि. तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्’

इस मंत्र के जप से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होने की मान्यता है. साथ ही, यह मंत्र बुद्धि, साहस और आत्मबल बढ़ाने में सहायक माना जाता है.

 परशुराम स्तोत्र मंत्र

‘कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं. जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं’

इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना लाभकारी माना गया है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है और बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.

 परशुराम अर्घ्य मंत्र

‘जमदग्निसुतो वीर क्षत्रियान्तकर प्रभो. गृहणार्घ्यं मया दत्तं कृपया परमेश्वर’

भगवान को जल अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से भगवान परशुराम प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं.

 परशुराम बीज मंत्र

‘ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:’

इस बीज मंत्र का नियमित जप करने से भय, रोग और मानसिक तनाव कम होता है. साथ ही, व्यक्ति को आत्मविश्वास मिलता है और वह अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है

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Last Updated: April 12, 2026 20:19:01 IST

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 Parshuram Ji Ke Mantra: परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है, जो वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है. साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा और मंत्र जप करने से जीवन में शुभ फल, शक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है. साथ ही, यह दिन विघ्न-बाधाओं को दूर करने के लिए भी बेहद खास माना जाता है.

अगर आप इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जप करते हैं, तो भगवान परशुराम की कृपा से जीवन की परेशानियां कम होने लगती हैं और आत्मबल भी बढ़ता है.

 भगवान परशुराम का ध्यान मंत्र

‘ॐ नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे. नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये’

पूजा की शुरुआत में इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. इससे भगवान परशुराम की कृपा प्राप्त होती है और पूजा सफल मानी जाती है.

परशुराम गायत्री मंत्र

‘ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि. तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्’

इस मंत्र के जप से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होने की मान्यता है. साथ ही, यह मंत्र बुद्धि, साहस और आत्मबल बढ़ाने में सहायक माना जाता है.

 परशुराम स्तोत्र मंत्र

‘कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं. जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं’

इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना लाभकारी माना गया है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है और बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.

 परशुराम अर्घ्य मंत्र

‘जमदग्निसुतो वीर क्षत्रियान्तकर प्रभो. गृहणार्घ्यं मया दत्तं कृपया परमेश्वर’

भगवान को जल अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से भगवान परशुराम प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं.

 परशुराम बीज मंत्र

‘ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:’

इस बीज मंत्र का नियमित जप करने से भय, रोग और मानसिक तनाव कम होता है. साथ ही, व्यक्ति को आत्मविश्वास मिलता है और वह अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है

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