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Second Chandra Grahan 2026: कब लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण? 5 घंटे 39 मिनट तक की रहगी अवधि! क्या भारत में दिखेगा?

Second Chandra Grahan 2026: यह साल खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास होने वाला है. हाल ही में 3 मार्च होली मंगलवार के दिन साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगा था, जिसे देश के कई हिस्सों में साफ तौर पर देखा गया था. वहीं अब साल 2026 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण अपने आप में अनोखा होने वाला, क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया में चंद्रमा का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा छिप जाएगा.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: March 6, 2026 16:00:31 IST

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Second Chandra Grahan 2026: यह साल खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास होने वाला है. हाल ही में 3 मार्च होली मंगलवार के दिन साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगा था, जिसे देश के कई हिस्सों में साफ तौर पर देखा गया था. वहीं अब साल 2026 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण अपने आप में अनोखा होने वाला, क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया में चंद्रमा का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा छिप जाएगा. इस चंद्र ग्रहण में चांद का अधिकांश भाग तांबे जैसा लाल देखने को मिलने वाला है. आइए जानते हैं यहां कि साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा

कब लगेगा साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण?

साला 2026 में 3 मार्च का पहला चंद्र ग्रहण लगा. अब साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 27 या फिर 28 अगस्त को लगने वाला है. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देने वाला है. जब चांद पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आता है, तब उस पर सिर्फ पृथ्वी के वातावरण से मुड़कर पहुंची सूरज की रोशनी पड़ती है, जिसकी वजह से चांद लाल रंग का नजर आता है

साल 2026 के दूसरे चंद्र ग्रहण का समय और अवधि क्या होगी

साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण लंबा होने वाला. इसकी पूरी प्रक्रिया 5 घंटे 39 मिनट तक की रहेगी. यह 28 अगस्त, 01:23 UTC पर शुरू होगा और आंशिक ग्रहण का चरम 04:41 UTC होगा, (जब 93% चांद ढक जाएगा) इस दूसरे चंद्र ग्रहण की समाप्ति 28 अगस्त, 07:02 UTC को होगी.

क्या भारत में दिखाई देगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण?

साल 2026 में लगने वाला आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पूर्वी प्रशांत महासागर के हिस्सों में नजर आने वाला है. भारत में यह नहीं दिखेंगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इस लिए आप बिना किसी धार्मिक पाबंदी के अपने रोजमर्रा के काम कर सकेंगे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: March 6, 2026 16:00:31 IST

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Second Chandra Grahan 2026: यह साल खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास होने वाला है. हाल ही में 3 मार्च होली मंगलवार के दिन साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगा था, जिसे देश के कई हिस्सों में साफ तौर पर देखा गया था. वहीं अब साल 2026 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण अपने आप में अनोखा होने वाला, क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया में चंद्रमा का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा छिप जाएगा. इस चंद्र ग्रहण में चांद का अधिकांश भाग तांबे जैसा लाल देखने को मिलने वाला है. आइए जानते हैं यहां कि साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा

कब लगेगा साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण?

साला 2026 में 3 मार्च का पहला चंद्र ग्रहण लगा. अब साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 27 या फिर 28 अगस्त को लगने वाला है. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देने वाला है. जब चांद पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आता है, तब उस पर सिर्फ पृथ्वी के वातावरण से मुड़कर पहुंची सूरज की रोशनी पड़ती है, जिसकी वजह से चांद लाल रंग का नजर आता है

साल 2026 के दूसरे चंद्र ग्रहण का समय और अवधि क्या होगी

साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण लंबा होने वाला. इसकी पूरी प्रक्रिया 5 घंटे 39 मिनट तक की रहेगी. यह 28 अगस्त, 01:23 UTC पर शुरू होगा और आंशिक ग्रहण का चरम 04:41 UTC होगा, (जब 93% चांद ढक जाएगा) इस दूसरे चंद्र ग्रहण की समाप्ति 28 अगस्त, 07:02 UTC को होगी.

क्या भारत में दिखाई देगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण?

साल 2026 में लगने वाला आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पूर्वी प्रशांत महासागर के हिस्सों में नजर आने वाला है. भारत में यह नहीं दिखेंगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इस लिए आप बिना किसी धार्मिक पाबंदी के अपने रोजमर्रा के काम कर सकेंगे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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