तुलसी विवाह का पौराणिक महत्व
इस दिन घरों और मंदिरों में मंडप सजाया जाता है. तुलसी माता को दुल्हन की तरह श्रृंगारित किया जाता है चुनरी, हार, कंगन और बिंदी से सजाया जाता है. वहीं भगवान शालिग्राम को वर के रूप में तैयार किया जाता है. मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संस्कार संपन्न होता है और उसके बाद प्रसाद वितरित किया जाता है.