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वास्तु दोष दूर करने के लिए इन स्थानों पर बांधें कलावा, घर में आएगी ‘सकारात्मक ऊर्जा’

कलावा बांधकर घर के दोष दूर किया जा सकता है. कलावा घर के खास स्थानों पर बांधने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सुख-समृद्धि आती है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: January 27, 2026 17:31:23 IST

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वास्तु टिप्स: हिंदू धर्म में कलावा का विशेष महत्त्व है. किसी भी पूजा या शुभ अवसर पर पुजारी हाथ में मौली बांधते हैं. ऐसा माना जाता है कि ये नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं, लेकिन घर के वास्तु दोष को दूर करने में भी ये उपयोगी है. 
कलावा बांधकर घर के दोष दूर किया जा सकता है. कलावा घर के खास स्थानों पर बांधने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सुख-समृद्धि आती है. कई वास्तु विशेषज्ञों ने घर की ऊर्जा को शुद्ध करने के लिए इस सरल उपाय का सुझाव दिया है.

कलावे का महत्व

वास्तु शास्त्र में कलावा या मौली को रक्षा कवच माना जाता है. लाल-सफेद या पीले-सफेद धागा गणेश, हनुमान और लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक हैं. यह बुरी नजर, तंत्र-मंत्र और वास्तु दोषों से बचाता है. लाल धागा शक्ति देता है, जबकि सफेद रंग का धागा शुद्धता का प्रतीक है. इससे घर में ऊर्जा संतुलित होती है, पारिवारिक कलह कम होता है और धन-स्वास्थ्य बढ़ता है.

मुख्य द्वार पर 

मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है. अगर यहां दोष हो तो घर में नकारात्मकता आती है. प्रवेश द्वार की ऊर्जा संतुलित करने के लिए कोने, कुंडी, चौखट या हैंडल पर कलावा बांधें, इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश  नहीं करती और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. उत्तर-पूर्व या दक्षिण दिशा वाले द्वार के लिए यह उपाय विशेष लाभकारी है.  

रसोई में उपयोग

रसोई धन और स्वास्थ्य का केंद्र है. अगर रसोई में दोष हो तो घर में तंगी-बीमारी आती है. रसोई घर में गैस चूल्हा, चिमनी, अलमारी हैंडल या कोने पर कलावा बांध सकते हैं. अगर दक्षिण-पूर्व दिशा में रसोई हो तो ये उपाय विशेष असरदार होता है. 

यहां भी असरकारी है मौली 

अक्सर घरों में टंकी या किसी नल से पानी का रिसाव होता ही है. पानी रिसाव भी धन हानि का संकेत देता है. इसके लिए एक उपाय के तौर पर टंकी, नल या पाइप जोड़ पर कलावा बांध सकते हैं. लेकिन साथ ही प्लंबर को बुलाकर टंकी और नल की फिटिंग भी चेक करवाएं. जब टंकी उत्तर-पूर्व दिशा में होती है तो आमतौर पर समस्या उत्पन्न करती है. 

बांधने के नियम

साफ-सुथरा स्थान चुनें, नया कलावा लें. कलावा बांधने के लिए मंगलवार और गुरुवार शुभ दिन हैं. अपने मन को सकारात्मक रखें, मंत्र जपें: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ या ‘ॐ हं हनुमते नमः’. इसके बाद पुराने बंधे हुए कलावे को खोलकर न्य कलावा बांधें. पुराने कलावे को पेड़ की जड़ में डाल दें या नदी में विसर्जित करें.
  
डिस्क्लेमर: यह एक सामान जानकारी है. जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सलाह लें.

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