Thursday, October 21, 2021
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Blast in Afghanistan Mosque: अफगानिस्तान की मस्जिद में नमाज पढ़ते शिया मुस्लिमों पर आत्मघाती हमले में 100 की मौत

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
अफगानिस्तान के कुंदूज शहर में मस्जिद के भीतर एक बम विस्फोट (Blast in Afghanistan Mosque) में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। शुक्रवार को दोपहर के समय जब विस्फोट हुआ तब इलाके में रहने वाले शिया मुसलमानों की बड़ी संख्या मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आई हुई थी।

तेज आवाज के साथ हुए इस विस्फोट के बाद पूरे मस्जिद में धुंआ-धुंआ हो गया, और चीख-पुकार मच गई। कुछ देर बाद धुंआ छंटने पर जब आसपास के लोग मस्जिद के अंदर पहुंचे तो धरती खून से रंगी थी, मानव अंग बिखरे पड़े थे, घायल मदद के लिए लोगों को पुकार रहे थे। यह आत्मघाती हमला माना जा रहा है।

Blast in Afghanistan Mosque तालिबान सरकार बनने के बाद हमलों मे तेजी आई

हमले (Blast in Afghanistan Mosque) की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है लेकिन शक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) की खोरसान शाखा पर है। तालिबान शासन में पहला बड़ा हमला 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुआ था जिसमें 169 अफगान नागरिक और 13 अमेरिकी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। रविवार को काबुल की ईदगाह मस्जिद के प्रवेश द्वार पर नमाज के वक्त विस्फोट हुआ था, जिसमें पांच लोग मारे गए थे। शुक्रवार के हमले में शिया हजारा आबादी वाला कुंदूज प्रांत को निशाना बनाया गया।

प्रांत की राजधानी कुंदूज शहर में स्थित मस्जिद जब वह नमाजियों से पूरी तरह से भरी होने की जानकारी आतंकियों के पास थी, उसी समय भीड़ के बीच में विस्फोट हुआ। इसीलिए आशंका है कि हमलावर आत्मघाती था जिसने ज्यादा नुकसान पहुंचाने की नीयत से नमाजियों के बीच पहुंचकर खुद को उड़ाया। विस्फोट से मस्जिद (Blast in Afghanistan Mosque) की इमारत को भी भारी नुकसान हुआ है। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने बताया है कि आतंकी हमले में शिया मस्जिद को निशाना बनाया गया है। तालिबान का विशेष बल मौके पर पहुंच गया है और उसने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

Blast in Afghanistan Mosque अफगानिस्तान के हालात हो रहे खराब

अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद से हालात और खराब हो गए हैं। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की हाई कमिश्नर फिलिपो ग्रांडी ने कहा था कि अफगानिस्तान में मानवीय स्थितियां बहुत ही खराब हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल मदद के लिए आगे आना चाहिए। आलम यह है कि अफगानिस्तान की आर्थिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।

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