Anil Ambani Bank Fraud Case: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी के कार्यालय और आवास पर तलाशी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत के आधार पर दर्ज दूसरे मामले में की गई है. CBI के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस, उसके प्रमोटर एवं पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी (IPC) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर में आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा लिए गए ऋण को कथित तौर पर संबंधित पक्षों के साथ फर्जी लेनदेन के जरिए डायवर्ट और दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. कंपनी की लेखा पुस्तकों में हेरफेर कर अनियमितताओं को छिपाने का भी आरोप है. CBI पहले से ही SBI समेत 11 बैंकों के ग्रुप की शिकायत के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ एक केस की जांच कर रही है.
स्टे ऑर्डर हटते ही घर और दफ्तर पर पड़ा छापा
CBI ने बताया कि यह खाता 2017 में ही एनपीए घोषित कर दिया गया था. हालांकि, अनिल अंबानी द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर खातों को फ्रॉड घोषित करने पर रोक लग गई थी. 23 फरवरी 2026 को यह रोक हटने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने शिकायत दर्ज कराई और CBI ने तुरंत जांच शुरू कर दी. एजेंसी ने यह भी कहा कि इससे पहले भी एसबीआई की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जा चुका है. बैंक ऑफ बड़ौदा उस कंसोर्टियम का हिस्सा नहीं था, इसलिए यह मामला अलग ऋण से संबंधित है, जो बैंक ऑफ बड़ौदा (पूर्व में विजया बैंक और देना बैंक) से लिया गया था. विजया बैंक और देना बैंक अब बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो चुके हैं. मामला दर्ज होने के बाद CBI ने अनिल अंबानी के आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के पंजीकृत कार्यालयों पर तलाशी ली, जहां से इस ऋण लेनदेन से जुड़े विभिन्न दस्तावेज बरामद किए गए हैं. जांच जारी है.
11 बैंकों की कंप्लेंट के आधार पर केस पहले से चल रहा है
गौरतलब है कि CBI पहले से ही SBI की लीडरशिप वाले 11 बैंकों के ग्रुप की कंप्लेंट के आधार पर RCom की जांच कर रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा इस ग्रुप का हिस्सा नहीं था और यह जांच नए बैंक ऑफ बड़ौदा और पहले के विजया बैंक और देना बैंक से लिए गए अलग-अलग लोन से जुड़ी है. अनिल अंबानी गुरुवार को बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के सामने पेश हुए. उनका बयान PMLA के प्रोविज़न के तहत रिकॉर्ड किया गया. यह जांच अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा ₹40,000 करोड़ से ज़्यादा के कथित बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ी है. अनिल अंबानी से यह पूछताछ का दूसरा राउंड है. इससे पहले उनसे अगस्त 2025 में पूछताछ हुई थी.