Defence Budget 2026: 2026 के लिए डिफेंस बजट में कुल आठ परसेंट की बढ़ोतरी की गई है. साल 2026-27 के लिए डिफेंस मिनिस्ट्री के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट दिया गया है.जो पिछले साल से काफी अधिक है. मॉडर्नाइजेशन के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है. मुख्य प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, एक नई स्टेल्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I), और UAVs/ड्रोन शामिल हैं. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और मिलिट्री को मज़बूत करने पर फोकस करता है.
डिफेंस फोर्सेज़ के मॉडर्नाइजेशन के लिए 21 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. अपने बजट भाषण के दौरान, फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सिविलियन, ट्रेनिंग और दूसरे एयरक्राफ्ट बनाने के लिए जरूरी कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी. मेंटेनेंस, रिपेयर या दूसरी जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स बनाने के लिए डिफेंस यूनिट्स द्वारा इंपोर्ट किए गए रॉ मटीरियल पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी. सरकार का मकसद भारत की डिफेंस कैपेबिलिटीज और टेक्नोलॉजी को और मजबूत करना है. यह कदम देश की सिक्योरिटी ज़रूरतों को पूरा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम मिलिट्री तैयार करने के लिए उठाया गया है. यह इकोनॉमी के अंदर डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने की भी एक कोशिश है.
2025 में कितना था रक्षा बजट?
फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में भारत का रक्षा बजट लगभग 4.85 लाख करोड़ रुपये था. इसके बाद इसमें हर साल बढ़ा है. FY25 के अनुमान में यह बढ़कर करीब 6.41 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. इस तुलना से साफ पता चलता है कि 2025-26 में डिफेंस बजट में लगभग 9.5% की बढ़ोतरी की गई है, जो आर्म्ड फोर्सेज़ के मॉडर्नाइजेशन के जारी रहने को दिखाता है
रक्षा बजट तब और अब
| वर्ष (Year) | रक्षा बजट (Defence Budget) |
|---|
| 1947–48 | ₹92.74 करोड़ |
| 2013–14 | ₹2.03 लाख करोड़ |
| 2025–26 | ₹6.81 लाख करोड़ |
| 2026–27* | ₹7.84 लाख करोड़ |
रक्षा मंत्रालय (सिविलियन) का बजट थोड़ा कम होकर ₹28,554.61 करोड़ हो गया, जो 0.45% की गिरावट है. इसके उलट, रक्षा सेवाओं (रेवेन्यू) का बजट बढ़कर ₹365,478.98 करोड़ हो गया, जो 17.24% की बढ़ोतरी है. रक्षा पूंजीगत खर्च में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई, जो 21.84% बढ़कर ₹219,306.47 करोड़ हो गया. इस बीच, रक्षा पेंशन के लिए आवंटन 6.53% बढ़कर ₹171,338.22 करोड़ हो गया. कुल मिलाकर, बजट में रक्षा क्षमता और आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है.
इतना ज़्यादा बजट क्यों?
- दुनिया भर में खतरे बढ़ गए हैं.ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं से सबक सीखा.
- डिफेंस एक्सपर्ट्स ने 20% बढ़ोतरी की मांग की, जिसे मान लिया गया.
- एक्सपोर्ट टारगेट: 2029 तक 50 अरब रुपये का डिफेंस एक्सपोर्ट.