India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन के लिए आज (27 जनवरी) का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है. भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच एक फ्री ट्रेड डील का ऐलान हुआ है. भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने 16वें इंडिया-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया. इस डील के बाद भारत में BMW और मर्सिडीज जैसी यूरोपियन कारों पर टैक्स 110% से घटकर 10% हो जाएगा. इसके अलावा, यूरोप से भारत में इंपोर्ट होने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स कम हो सकता है. PTI के मुताबिक यूरोपियन देशों से आने वाली शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है. इसे घटाकर 20-30% किया जाएगा.
यह साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है. 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह FTA साइन किया. इससे इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा, नई इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और ग्लोबल लेवल पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी. यह सिर्फ एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, यह साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है.
#WATCH दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत संपन्न होने की राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए और समझौता ज्ञापन… pic.twitter.com/QGAw6lTcC1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 27, 2026
टेक्सटाइल और ज्वेलरी को मिलेगा बढ़ावा-पीएम मोदी
मोदी ने कहा, “इंडिया-EU एग्रीमेंट से टेक्सटाइल और ज्वेलरी को बढ़ावा मिलेगा.”PM मोदी ने मंगलवार को टेक्सटाइल, ज्वेलरी, लेदर और फुटवियर जैसे सेक्टर में काम करने वाले युवाओं को बधाई दी.उन्होंने कहा कि इंडिया-EU एग्रीमेंट उनके लिए बहुत मददगार साबित होगा और इससे न सिर्फ इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सर्विस सेक्टर का भी और विस्तार होगा. उन्होंने कहा, “यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दुनिया भर के हर बिजनेस और हर इन्वेस्टर का इंडिया में भरोसा मजबूत करेगा. इंडिया सभी सेक्टर में ग्लोबल पार्टनरशिप पर बड़े पैमाने पर काम कर रहा है.”
ये चीजे होंगी सस्ती
इस डील के तहत, भारत यूरोप से इंपोर्ट होने वाले कई प्रोडक्ट्स पर ज़्यादा टैक्स खत्म करने या काफी कम करने पर सहमत हो गया है. इनमें केमिकल्स, एयरक्राफ्ट, स्पेस से जुड़े इक्विपमेंट और मेडिकल मशीनरी शामिल हैं.
मेडिकल और सर्जिकल इक्विपमेंट टैक्स-फ्री
इस एग्रीमेंट के बाद, अब लगभग 90% मेडिकल और सर्जिकल इक्विपमेंट टैक्स-फ्री होंगे.
खाने के प्रोडक्ट्स
यूरोप से इंपोर्ट होने वाले खाने के प्रोडक्ट्स पर भारी ड्यूटी कम कर दी गई है. ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और दूसरे वेजिटेबल ऑयल अब टैक्स-फ्री होंगे.
शराब होगी सस्ती
यूरोपियन देशों की वाइन पर अभी 150% टैरिफ लगता है. इसे घटाकर 20–30% कर दिया जाएगा. बीयर पर ड्यूटी 110% से घटाकर 50% कर दी जाएगी. स्पिरिट्स पर टैक्स 40% होगा.
कारों और मशीनरी पर भी राहत
भारत ने यूरोपियन कारों के लिए हर साल 2.5 लाख गाड़ियों का कोटा तय किया है, और इंपोर्ट ड्यूटी धीरे-धीरे घटाकर 10% कर दी जाएगी.
एविएशन सेक्टर को बड़ा फायदा
मशीनरी पर 44% तक और केमिकल्स पर 22% तक का टैक्स भी लगभग खत्म हो जाएगा. लगभग सभी एयरक्राफ्ट और स्पेस से जुड़े प्रोडक्ट अब बिना टैरिफ के आएंगे, जिससे भारत के एविएशन सेक्टर को बड़ा फायदा होगा.
समझौते से यूरोप को क्या फायदा?
- यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है. इससे भारत में यूरोपियन शराब सस्ती मिलेगी.
- BMW, मर्सिडीज, पॉर्श जैसी यूरोपीय प्रीमियम कार कंपनियों के लिए भारत में बिक्री आसान होगी.
- अभी इन कारों पर 110% टैक्स लगता है, जो डील के बाद 40% और आगे चलकर 10% तक आ सकता है.
- भारत सरकार ने 15,000 यूरो से महंगी कुछ यूरोपीय कारों पर तुरंत टैक्स घटाने पर सहमति दी है.
- यूरोप की IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस कंपनियों को भारत में ज्यादा काम मिलेगा.
समझौते से भारत को क्या फायदा?
- भारतीय कपड़े, जूते और लेदर प्रोडक्ट्स पर लगने वाली 10% ड्यूटी कम या खत्म हो सकती है. भारतीय गारमेंट, लेदर और फुटवियर सेक्टर को फायदा होगा.
- फ्रांस, जर्मनी जैसे EU देश भारत में डिफेंस फैक्ट्रियां लगा सकते हैं. इससे भारतीय हथियार कंपनियों को EU के डिफेंस फंड्स तक पहुंच मिल सकती है.
- फार्मा और केमिकल सेक्टर में भारत का व्यापार हर साल 20–30% तक बढ़ सकता है, क्योंकि दवाओं की मंजूरी और नियम आसान होंगे.
- यूरोप के कार्बन टैक्स से भारत को राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे स्टील, एल्युमिनियम और हाइड्रोजन जैसे सेक्टर को फायदा होगा.
- भारत में यूरोप की शराब, कारें और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सस्ते मिल सकते हैं क्योंकि उन पर लगने वाला भारी टैक्स घटेगा.
कितना होता है भारत और यूरोप के बीच ट्रेड
वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच सामानों का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था. इसी के साथ EU भारत का सबसे बड़ा सामानों का व्यापारिक साझेदार बन गया.साल 2024 में भारत और EU के बीच सेवाओं का व्यापार 83.10 अरब डॉलर का रहा. 2024-25 के दौरान भारत को EU के साथ व्यापार में 15.17 अरब डॉलर का अधिशेष (फायदा) हुआ.EU का बाजार भारत के कुल निर्यात का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि EU से भारत में होने वाला निर्यात उसके कुल वैश्विक निर्यात का लगभग 9 प्रतिशत है.