Guidelines for Frozen Accounts: रोजमर्रा के कामों के लिए हमें बैंक खाते और यूपीआई की जरूरत पड़ती है. बैंक अकाउंट के जरिए ही सारी ट्रांसेक्शन की जाती है, लेकिन कुछ कारणों के चलते कई बार खाता फ्रीज हो जाता है. बैंक अकाउंट के फ्रीज हो जाने के बाद बैंक द्वारा आपकी सभी ट्रांजेक्शन को रोक दिया जाता है और आपका पैसा बैंक में ही फंसा रहता है. आमतौर पर ऐसा तब होता है, जब आप बैंक की मैक्सिमम ट्रांजेक्शन लिमिट को पार कर देते हैं.
गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने का पता चलने पर भी बैंक द्वारा आपका खाता फ्रीज कर दिया जाता है. लेकिन, ऐसे में घबराएं नहीं अगर आपका खाता फ्रीज हो गया है तो इस लेख को पढ़ें. चलिए जानते हैं बैंक अकाउंट फ्रीज होने पर आपको क्या करना चाहिए.
कैसे अनफ्रीज करें बैंक अकाउंट
- अगर आपका बैंक अकाउंट फ्रीज हो जाए तो ऐसे में आपको अपने बैंक की ब्रांच जाना है और वहां जाकर खाता फ्रीज होने का कारण पूछना है.
अगर आपने अपनी KYC नहीं कराई है तो ऐसे में केवाईसी पूरी करें.
अगर बैंक में आपका कोई लोन या अमाउंटच बकाया है तो ऐसे में सबसे पहले उसे क्लीयर करें.
किसी लीगल कारण से अगर आपका बैंक अकाउंट फ्रीज किया गया है तो ऐसे में उसका पता जरूर लगाएं.
किन कारणों से फ्रीज होता है बैंक अकाउंट
- बैंक अकाउंट के फ्रीज किए जाने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं.
अगर आप अपनी रोजाना की ट्रांजेक्शन लिमिट क्रॉस कर रहे हैं तो बैंक आपका खाता फ्रीज कर सकती है.
अगर आप किसी गैर कानूनी काम या साइबर ठगी के जरिए अपने खाते में पैसे मंगा रहे हैं तो बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकता है.
संदिग्ध ट्रांजेक्शन की सूचना मिलने पर भी आपका बैंक अकाउंट बंद किया जा सकता है.
फर्जी खातों पर होती है सख्त कार्यवाही
अगर आप किसी फर्जी खाते से हेर-फेर या किसी संदिग्ध ट्रांजेक्शन को अंजाम दे रहे हैं तो ऐसे में आप साइबर क्राइम के तहत आते हैं. ऐसी स्थिति में साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा आपके खाते हो ही नहीं बल्कि, आपको लेकर भी सख्ती बरती जा सकती है. कुछ मामलों में सजा भी हो सकती है.