ज्यादातर लोगों का झुकाव आज के समय में SIP और म्यूच्युअ फंड्स पर रहता है, लेकिन PPF के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं. जबकि, निवेश के मामले में पीपीएफ स्कीम काफी दमदार और टिकाऊ साबित होती है. चलिए जानते हैं दोनों में से कहां निवेश करना आपके लिए ठीक रहेगा.
PPF Vs SIP which is best: आज की महंगाी के दौर में पैसे बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है. लेकिन, यह भी सही है कि अगर सेविंग न की जाए तो आने वाले समय में गुजर-बसर कर पाना या अन्य जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो जाएंगी. कुछ लोग पैसे बचाने के लिए शॉर्ट टर्म इनवेस्टमेंट करते हैं. लेकिन, कम समय के लिए की गई सेविंग्स हमेशा आपको कम रिटर्न ही देती हैं. इसलिए आपको कम से कम 15 साल के लिए लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट प्लान्स चुनने चाहिए.
ज्यादातर लोगों का झुकाव आज के समय में SIP और म्यूच्युअ फंड्स पर रहता है, लेकिन PPF के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं. जबकि, निवेश के मामले में पीपीएफ स्कीम काफी दमदार और टिकाऊ साबित होती है. चलिए जानते हैं दोनों में से कहां निवेश करना आपके लिए ठीक रहेगा.
PPF में निवेश करना निश्चितौर पर एक फायदेमंद और किफायती सौदा है. PPF स्कीम कम से कम 15 सालों के लिए किसी भी सरकारी बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा खोली जाती है. हालांकि, मैच्योर हो जाने के बाद आप इसे 5 साल के लिए एक्सटेंड भी करा सकते हैं. इस स्कीम में आप हर साल 500 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. इस राशि पर आपको हर साल 7.1 फीसदी का ब्याज मिलता है. अगर आप 15 सालों तक हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करते हैं तो आपके 22 लाख 50 हजार रुपये जमा हो जाएंगे और इसपर लगभग 7 से 8 लाख का ब्याज लगकर यह कुल 30 लाख रुपये के आस-पास हो जाएंगे.
SIP आजकल अधिकांश लोगों के निवेश करने का जरिया बन चुका है. लेकिन, पीपीएफ के मुकाबले इसमें आपको 7.1 प्रतिशत का फिक्ड ब्याज नहीं मिलता है. बल्कि, इसका ब्याज आपको शेयर मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर देखने के लिए मिलता है. हालांकि, SIP का औसतन ब्याज 12 से 14 फीसदी माना जाता है. लेकिन, गलत फंड में एसआईपी करने पर कई बार आपको अपना मूल धन भी गंवाना पड़ सकता है. हालांकि, यह भी हो सकता है कि आपका फंड या शेयर अच्छा पर्फॉम करे और आपको 20 से 25 प्रतिशत का भी ब्याज दे दे.
अगर आप निवेश करने का एक सुरक्षित विकल्प खोज रहे हैं तो ऐसे में PPF एक बेहतर और किफायती इनवेस्टमेंट मानी जाती है. इसमें पैसे निवेश करने से आपको हर साल फिक्स्ड ब्याज मिलता है. वहीं, SIP में निवेश करना तब ठीक है जब आप एक अच्छा फंड चुनकर पैसे लगाते हैं. लेकिन, SIP को एक जोखिमभरा निवेश माना जाता है. एसआईपी का ब्याज शेयर बाजार की पर्फॉमेंस पर निर्भर करता है. हालांकि, अगर आप 15 साल के लिए एसआईपी कर रहे हैं तो हो सकता है कि यह आपको पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न दे. लेकिन, पीपीएफ मैच्योर होने पर आपको टैक्स नहीं देना होता है. वहीं, एसआईपी में 10 से 15 फीसदी टैक्स भी भरना पड़ता है. जानकारों की मानें तो सुरक्षित निवेश के लिए पीपीएफ एक बेहतर विकल्प है.
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