Jaiwardhan Tyagi in Shark Tank 5: शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में एक 13 साल के बच्चे ने बड़े-बड़ों को टक्कर देते हुए ये साफ कर दिया है कि टैलेंट के लिए कोई उम्र नहीं होती. गाजियाबाद के जयवर्धन त्यागी ने जजों को इंप्रेस कर दिया. साथ ही उन्हें शॉक कर दिया. गाजियाबाद के बच्चे जयवर्धन त्यागी ने एआई स्टार्टअप, न्यूरापेक्साई को प्रेजेंट किया, जिसे देख सभी दंग रह गए. इस बच्चे ने नमिता थापर, विनीता सिंह, रितेश अग्रवाल और अमन गुप्ता के साथ ही कुणाल बहल को भी शुरुआत से ही प्रभावित किया.
एआई असिस्टेंट न्यूरोपेक्साई
जयवर्धन ने एक एआई असिस्टेंट न्यूरोपेक्साई को पेश किया, जिसे एक साल पहले ही शुरू किया गया था. ये एक मेडटेक प्लेटफॉर्म है. ये एमआरआई स्कैन, लैब रिपोर्ट, मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण करके आसानी से रिपोर्ट बना सकता है. फिलहाल इसे यूजर्स मुफ्त में इस्तेमाल कर सकते हैं. जयवर्धन ने प्रोडक्ट लॉन्च करने के लिए 5 फीसदी इक्लिटी पर 60 लाख रुपए की डील मांगी. इससे कंपनी की कीमत 12 करोड़ रुपए हो गई.
Finally, I got to see something innovative on Shark Tank India. I was tired of all the D2C products being presented there.
Now, I hope this trend continues, and more ideas emerge that will help our nation grow. #SharkTank pic.twitter.com/0oRidvCOoP
— Aanand Krishna (@aanand_krishnaa) February 13, 2026
शतरंज के शौकीन थे जयवर्धन
जयवर्धन ने अपनी स्टोरी बताते हुए कहा कि बचपन से ही उन्हें शतरंज में इंट्रेस्ट था. पहले वे शतरंज में ग्रैंडमास्टर बनने का सपना देखते थे. हालांकि बाद में उन्हें ब्लॉक कोडिंग में दिलचस्पी होने लगी. इससे वे कोडिंग और वेब डेवलपमेंट की ओर प्रेरित हुए. जयवर्धन ने बताया कि जब वो 10 साल का था, तो उन्होंने एक ऑल-इन-वन सोशल मीडिया वेबसाइट बनाने की कोशिश की. इसके बाद उन्होंने रॉकेट बनाने की कोशिश की लेकिन उन्हें उतनी टेक्निकल नॉलेज नहीं थी, जिसके कारण वो रॉकेट उड़ नहीं सका.
मैथ प्रोफेसर हैं जयवर्धन के पिता
उन्होंने बताया कि उनके पिता एक मैथ प्रोफेसर हैं और इसके जरिए ही वे काम करने की कोशिश करते हैं. एक दोस्त के सुझाव के बाद उन्होंने न्यूरापेक्साई बनाया. इस जानकारी के बाद शार्क्स ने उनसे भविष्य की प्लानिंग के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि ये उनका स्कूल प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि इसके लिए उन्होंने जेईई की कोचिंग छोड़ दी थी. जयवर्धन ने बताया कि वो अपनी पढ़ाई को महत्व देते हैं. इससे ये फर्क नहीं पड़ता कि वे 13 साल के हैं या 21 साल के.
अमन गुप्ता ने किया निवेश
एआई मॉडल अभी शुरुआती फेज में है इसलिए कुणाल बहल ने इसमें निवेश करने से मना कर दिया. विनीता ने भी इसे निवेश के योग्य नहीं बताया. रितेश अग्रवाल ने भी निवेश करने से मना कर दिया. अमन गुप्ता ने बिना बातचीत के ही निवेश करने का फैसला किया.