8 March 2026 Petrol Diesel Price: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के मिलिट्री हमलों के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि अगर तनाव जारी रहा तो भारत में फ्यूल की कीमतें बढ़ सकती हैं. दुनिया के सबसे जरूरी तेल बनाने वाले इलाकों में से एक पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से सप्लाई में रुकावट का डर पैदा हो गया है और इंटरनेशनल तेल बेंचमार्क बढ़ गए हैं.
दुनिया भर के एनर्जी मार्केट इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस इलाके में टकराव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रह सकती हैं. इससे आखिरकार भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, जो काफी हद तक ग्लोबल क्रूड रेट पर निर्भर करती हैं.
एक और बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की स्थिति है, जो एक पतला पानी का रास्ता है जिससे दुनिया के तेल शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है. इस इलाके में शिपिंग में कोई भी रुकावट ग्लोबल तेल सप्लाई को धीमा कर सकती है और दुनिया भर में फ्यूल की ज़्यादा कीमतों का खतरा बढ़ा सकती है. तो चलिए जानते हैं आज भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्या है.
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 8 मार्च 2026
भारत के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें क्यों मायने रखती हैं?
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल इंपोर्टर्स में से एक है और अपनी एनर्जी ज़रूरतों के लिए ग्लोबल मार्केट पर बहुत ज़्यादा निर्भर करता है. देश अपनी क्रूड ऑयल की ज़रूरत का लगभग 88 परसेंट इंपोर्ट करता है. इम्पोर्ट पर इस मज़बूत निर्भरता की वजह से, इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी भारत की एनर्जी कॉस्ट पर सीधा असर डालती है.
इम्पोर्टेड क्रूड ऑयल को पेट्रोल और डीज़ल जैसे फ्यूल में रिफाइन किया जाता है. अगर क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ज़्यादा रहती हैं, तो भारत का ऑयल इम्पोर्ट बिल काफी बढ़ सकता है. ज़्यादा इम्पोर्ट कॉस्ट से महंगाई भी बढ़ सकती है और देश की बड़ी इकॉनमी पर असर पड़ सकता है.
हालांकि, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का तुरंत रिटेल फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी में मतलब नहीं होता है. भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर पेट्रोल और डीज़ल के रेट में बदलाव करने का फैसला करने से पहले कई फैक्टर्स को रिव्यू करती हैं.
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर असर डालने वाले फैक्टर्स
भारत में फ्यूल की कीमतें तय करने में क्रूड ऑयल की कीमत सबसे ज़रूरी फैक्टर बनी हुई है, क्योंकि यह पेट्रोल और डीज़ल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल है.
एक और बड़ा फैक्टर होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुख्य ऑयल सप्लाई रूट्स की स्टेबिलिटी है. अगर चल रहे संघर्ष से इस ज़रूरी रास्ते में शिपिंग में रुकावट आती है, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई और भी कम हो सकती है. इससे क्रूड ऑयल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं और आने वाले हफ्तों में भारत में फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ सकती है.