Air India: एयर इंडिया ने आज घोषणा की कि वह अपने घरेलू और इंटरनेशनल नेटवर्क पर फ्यूल सरचार्ज में धीरे-धीरे बढ़ोतरी करेगी. एयरलाइन ने मिडिल ईस्ट में ईरान-US युद्ध की वजह से जेट फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी का हवाला देते हुए यह घोषणा की. एयरलाइन ने रेट्स का एक स्लैब दिया है जिसे वह तीन फेज में लागू करेगी. एयर इंडिया ने कहा कि उसे इस कदम पर अफसोस है लेकिन इसे जरूरी बताया और इस फैसले को अपने कंट्रोल से बाहर की वजहों से बताया.
एयर इंडिया ने कहा कि सरचार्ज में बदलाव के बिना कुछ फ़्लाइट्स के कमर्शियली फायदेमंद न होने और कैंसल होने का खतरा है. उसने कहा, “ऐसे फ्यूल सरचार्ज के बिना, इस बात की संभावना है कि कुछ फ़्लाइट्स ऑपरेटिंग कॉस्ट को कवर नहीं कर पाएंगी और उन्हें कैंसल करना पड़ेगा.”
मिडिल ईस्ट की फ्लाइट के लिए फ्यूल सरचार्ज
मिडिल ईस्ट की फ़्लाइट्स के लिए फ्यूल सरचार्ज 10 डॉलर होगा. अफ्रीका की फ़्लाइट्स के लिए यह 30 डॉलर से 90 डॉलर तक और साउथईस्ट एशिया की फ़्लाइट्स के लिए 20 डॉलर से 60 डॉलर तक बढ़ाया जाएगा. एयर इंडिया ने कहा कि एयरलाइन समय-समय पर सरचार्ज का रिव्यू करेगी और स्थिति के बदलने पर उन्हें एडजस्ट करेगी. टाटा की एयरलाइन की लो-कॉस्ट ब्रांच, एयर इंडिया एक्सप्रेस अभी अपनी फ्लाइट्स पर कोई फ्यूल सरचार्ज नहीं लगाएगी. इससे पैसेंजर को कुछ राहत मिल सकती है.
Air India group has announced expanded fuel surcharges on domestic and international routes, following a steep rise in jet fuel prices driven by the Gulf region’s geopolitical situation. The new fuel surcharges – also applicable to Air India Express – will be…
— Air India (@airindia) March 10, 2026
एयर इंडिया ने एक बयान में क्या कहा?
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, “मार्च 2026 की शुरुआत से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) जो एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का लगभग 40 परसेंट होता है सप्लाई में रुकावट के कारण इसकी कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है. भारत में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में एटीएफ पर ज्यादा एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) लगने से यह दबाव और बढ़ गया है जिससे कॉस्ट का असर बढ़ गया है और एयरलाइन ऑपरेटिंग इकोनॉमिक्स पर काफी दबाव पड़ रहा है.”
जेट फ्यूल लंबे समय से एयरलाइनों के लिए सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले इनपुट कॉस्ट में से एक रहा है. भारत घरेलू स्तर पर ज़्यादा मात्रा में क्रूड ऑयल का प्रोडक्शन नहीं करता है, जिससे एयरलाइंस सीधे ग्लोबल ऑयल प्राइस स्विंग के संपर्क में आती हैं.
Phase 1 (12 मार्च 2026, रात 12:01 बजे IST से की गई नई बुकिंग पर लागू)
| क्षेत्र (Region) | मौजूदा फ्यूल सरचार्ज | फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी | संशोधित फ्यूल सरचार्ज |
|---|---|---|---|
| घरेलू भारत (Domestic India) | लागू नहीं | ₹399 | ₹399 |
| सार्क देश (SAARC) | लागू नहीं | ₹399 | ₹399 |
| पश्चिम एशिया / मिडिल ईस्ट | लागू नहीं | $10 | $10 |
| दक्षिण-पूर्व एशिया | $40 | $20 | $60 |
| अफ्रीका | $60 | $30 | $90 |
नोट: सिंगापुर के लिए आने-जाने वाली उड़ानों पर अभी फ्यूल सरचार्ज लागू नहीं था, लेकिन Phase 1 से यह लागू होगा.
Phase 2 (18 मार्च 2026, रात 12:01 बजे IST से की गई नई बुकिंग पर लागू)
| क्षेत्र (Region) | मौजूदा फ्यूल सरचार्ज | फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी | संशोधित फ्यूल सरचार्ज |
|---|---|---|---|
| यूरोप | $100 | $25 | $125 |
| उत्तरी अमेरिका | $150 | $50 | $200 |
| ऑस्ट्रेलिया | $150 | $50 | $200 |
फेज-3 हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे फार ईस्ट बाजारों के लिए लागू होगा। इसकी घोषणा बाद में की जाएगी.
50 परसेंट नैचुरल गैस इंटरनेशनल मार्केट से खरीदता है भारत
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका युद्ध ने दुनिया भर में नेचुरल गैस की सप्लाई पर भी असर डाला है. होर्मुज जलडमरूमध्य दो हफ्ते से ज्यादा समय से युद्ध क्षेत्र का हिस्सा बना हुआ है, जिसकी वजह से इस इलाके के बड़े बंदरगाहों पर 750 से ज्यादा मालवाहक जहाज फंसे हुए हैं. भारत अपनी जरूरत का 50 परसेंट नैचुरल गैस इंटरनेशनल मार्केट से खरीदता है. इसमें से 20 परसेंट वह कतर से इंपोर्ट करता है.
नैचुरल गैस की सप्लाई पर असर
कतर के गैस फील्ड्स पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद दुनिया की सबसे बड़ी नैचुरल गैस एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी कतरएनर्जी ने प्रोडक्शन बंद कर दिया है. इससे एशियाई इलाकों में नैचुरल गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है. इस बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए भारत के पास देश भर के अलग-अलग सेक्टर्स में नैचुरल गैस की सप्लाई और इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक केंद्र सरकार ने खास सेक्टर्स को चार प्रायोरिटी एरिया में बांटा है.