Budget 2026 Keypoints: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 85 मिनट के बजट भाषण में देश के कई श्रेत्रों में बड़ा एलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस साल का बजट विकास, रोजगार और लंबे समय तक फायदा देने वाले सुधारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. बड़े-बड़े दावों को छोड़ अब चलिए जानते हैं कि आम आदमी की जिंदगी पर इस बजट का क्या प्रभाव पड़ेगा और कौन सी चीज हुई महंगी और सस्ती. सब कुछ जानिए इस खबर में.
किसानों के लिए क्या है खास?
बजट 2026 में किसानों के लिए भी कुछ एलान हुए हैं. इसमें 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास शामिल है, जिससे मत्स्य पालन और ग्रामीण आय को बढ़ावा मिलेगा. पशुपालन और बागवानी फसलों को भी प्रोत्साहन दिया गया है, जिससे पारंपरिक खेती के अलावा बेहतर वेतन वाले रोजगार सृजित होंगे.
क्या हुआ सस्ता?
हर बार बजट जब पेश किया जाता है, तो आम आदमियों को इससे बहुत उम्मीदें होती हैं. वह यह जानना चाहता है कि रोजमर्रा की जिंदगी में प्रयोग की जाने वाली चीजों का क्या हाल होगा. इसलिए हम बात कर रहे हैं कि बजट 2026 में क्या-क्या सस्ता हुआ है. इस लिस्ट में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स- इलेक्ट्रिक वाहन (EV), दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी चीजें (कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां को प्राथमिकता), सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी, लेदर और फुटवियर (जूते-चप्पल), बायोगैस, CNG और माइक्रोवेव जैसी चीजें शामिल हैं.
क्या हुआ महंगा?
वहीं अगर महंगी चीजों की बात करें, तो इसमें शराब शामिल है. यानी कि अब पार्टी करने वालों की जेब ढीली होने वाली है. इसके अलावा कोयला, शेयर बाजार आदि में भी महंगाई देखने को मिलेगी.
महंगे ब्रांडों के शोकीनों की बढ़ी मुसीबत
अगर आपक महंगे आइटम्स पसंद हैं, तो आपका खर्च बढ़ने वाला है. यह इसलिए क्योंकि बहुत महंगे ब्रांड विदेशों से आते हैं और भारत ने इंपोर्ट शुल्क बढ़ा दिया है. इससे सभी सामान मंहगे होने वाले हैं. इस लिस्ट में परफ्यूम, जूते, घड़ियां आदि चीजें शामिल हैं.
छोटे व्यवसायों को मिली राहत
भारत के सबसे छोटे व्यवसायों को और बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए कोषों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि डाली जाएगी. इससे उन सूक्ष्म उद्यमों को सहायता मिलने की उम्मीद है जो ऋण गारंटी योजनाओं के बावजूद पूंजी की कमी से जूझ रहे हैं.
हाई-स्पीड ट्रेने चलेंगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि भारत प्रमुख शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेगा , जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए ‘विकास कनेक्टर’ के रूप में काम करेंगे. ये हाई-स्पीड कॉरिडोर मुंबई और पुणे, हैदराबाद और पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु, चेन्नई और बेंगलुरु, दिल्ली और वाराणसी, और वाराणसी और सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे.