Budget 2026: मिडिल क्लास लोगों के लिए अपना घर खरीदना आज भी एक सपने जैसा है. घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं और बढ़ती ब्याज दरें उनकी चिंताएं और बढ़ा रही हैं. बजट की घोषणा बस होने ही वाली है और लोगों को इस साल के बजट से बहुत उम्मीदें हैं.
यह खासकर उन परिवारों के लिए ज़रूरी है जो पहली बार घर खरीदने की सोच रहे हैं और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी. मनीकंट्रोल हिंदी पर पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार, ओरम ग्रुप के फाउंडर और एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने आने वाले बजट को लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में बात की है. आइए जानते हैं कि 2026 का बजट रियल एस्टेट सेक्टर में क्या बदलाव ला सकता है.
1. किफायती आवास की परिभाषा में बदलाव की उम्मीद है
₹45 लाख तक की कीमत वाले घरों को अभी भी ‘किफायती घर’ माना जाता है. हालांकि बड़े शहरों में ज़मीनी हकीकत काफी अलग है. दिल्ली-NCR और मुंबई जैसे इलाकों में इस बजट में घर ढूंढना लगभग नामुमकिन हो गया है.
यही वजह है कि उम्मीद की जा रही है कि किफायती घरों की कीमत की लिमिट बढ़ाकर ₹75 लाख से ₹1 करोड़ कर दी जाएगी. अगर यह बदलाव लागू होता है, तो ज़्यादातर घर इस कैटेगरी में आ जाएंगे जिससे लोगों को कम इंटरेस्ट रेट और सरकारी सब्सिडी का फायदा मिल पाएगा.
2. टैक्स छूट को लेकर उम्मीदें
घर खरीदना अब उतना आसान नहीं रहा खासकर जब प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. ऐसे में, होम लोन पर मौजूदा टैक्स फायदे नाकाफी साबित हो रहे हैं. फिलहाल इनकम टैक्स एक्ट की धारा 24(b) के तहत होम लोन पर दिए गए ब्याज पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹2 लाख की कटौती की इजाज़त है.
इन हालात में मिडिल क्लास इस लिमिट को बढ़ाकर ₹4 से 5 लाख होने की उम्मीद कर रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे मिडिल क्लास के हाथों में खर्च करने के लिए ज़्यादा पैसे बचेंगे जिससे वे ज़्यादा भरोसे के साथ बड़े होम लोन ले पाएंगे.
3. अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज़ के लिए संभावित GST सुधार
अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज़ पर लगने वाले गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) में सुधार की उम्मीद है. घरों की कीमतें पहले से ही बहुत ज़्यादा हैं और इसी वजह से GST सिस्टम में बदलाव की मांग हो रही है ताकि रेट्स को ज़्यादा प्रैक्टिकल बनाया जा सके और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को फिर से शुरू किया जा सके.
अगर बिल्डरों को ITC का फायदा मिलता है तो कंस्ट्रक्शन की लागत कम हो सकती है जिसका सीधा असर घरों की कीमतों पर पड़ेगा और आखिरी खरीदार को राहत मिलेगी.