Income Tax Refund: आयकर विभाग द्वारा रिफंड जारी करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन किसी वजह से अगर आपको ‘Hold’ का संदेश दिखाई दे रहा है, तो घबराने की कोी भात नहीं है. ज्यादातर यह तकनीकी कारणों या फिर किसी छोटी सी जानकारी की कमी की वजह से हो सकती है. तो वहीं, दूसरी तरफ आयकर विभाग ज्यादातर डेटा मिलान या फिर बैंक अकाउंट Validation की कमी की वजह से रिफंड को कुछ देर के लिए रोक देता है. ऐसे केस में आपको क्या करना चाहिए इसके बारे में पूरी खबर में विस्तार से बताया गया है.
रिफंड ‘होल्ड’ होने की मुख्य वजह
1. बैंक खाता वैलिडेट न होना
अगर आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर Pre-validated नहीं है, तो विभाग पैसे को खाते में ट्रांसफर नहीं कर पाता है.
2. नाम में अंतर से हो सकती है मुश्किल
इसके अलावा पैन कार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम की स्पेलिंग अलग होने पर रिफंड पूरी तरह से रुक जाता है, अपने नाम की स्पेलिंग की सही तरह से जांच करनी चाहिए.
3. बकाया मांग (Outstanding Demand)
तो वहीं, पिछले किसी साल का टैक्स बकाया है, तो विभाग चालू साल के रिफंड को उसके साथ एडजस्ट करने के लिए भी रोक दोता है.
आखिर क्या है इसका समाधान?
सामनाधान के लिए आपको चार चीजें करना सबसे ज्दाया जरूरी होता है. जहां, सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग इन करें ‘Worklist’ या ‘Pending Actions’ टैब में जाकर देखें कि क्या विभाग ने आपसे किसी भी तरह का कोई स्पष्टीकरण मांगा है.
दूसरा बैंक री-वैलिडेट करने की कोशिश करें. अपने बैंक खाते की जानकारी दोबारा जांचें और सुनिश्चित करें कि वह आपके पैन (PAN) से जुड़ा होना चाहिए. तीसरा, अगर विभाग ने धारा 245 के तहत आपको किसी भी तरह का कोई नोटिस भेजा है बकाया टैक्स के संबंध में, तो उस पर अपनी सहमति या असहमति दर्ज कर दें. और सबसे आखिरी में एक बार जब आप पोर्टल पर मांगी गई जानकारी अपडेट कर देते हैं, तो विभाग रिफंड की प्रक्रिया को फिर से शुरू कर देता है और पैसा सीधे आपके खाते में जमा कर दिया जाता है.