Inside Amazon’s Next Job Cuts: हाल ही में देश की सबसे बड़ी कंपनी के सूची में शामिल होने वाली अमेज़न के सीईओ एंडी जेसी ने आगामी छंटनी को वित्तीय मजबूरी के बजाय ‘सांस्कृतिक सुदृढ़ीकरण’ (Cultural Realignment) का नाम दिया है. दरअसल, उनका मानना है कि पिछले कुछ सालों में तेजी से हुए विस्तार की वजह से कंपनी में मैनेजमेंट की परतें काफी ज्यादा और तेजी से बढ़ गई हैं, जिसकी वजह से महत्वपूर्ण फैसले लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से धीमी हो गई है. तो वहीं, दूसरी तरफ उनका लक्ष्य ‘मैनेजर-टू-इंडिविजुअल कॉन्ट्रिब्यूटर’ को बढ़ाने के साथ-साथ अमेज़न को फिर से एक स्टार्टअप जैसी फुर्ती देने का है.
अंदरूनी हालात: संस्कृति बनाम ब्यूरोक्रेसी
अमेज़न के सीईओ एंडी जेसी ने साफ-साफ शब्दों में यह कहा है कि दरअसल यह छंटनी सिर्फ लागत (Cost) में कटौती के लिए नहीं है, बल्कि कंपनी के मूल स्वरूप को बचाने के लिए ही पूरी तरह से किया जा रहा है. हालांकि, ऐसे में कुछ विश्लेषण के मुताबिक, अमेज़न के अंदर ‘लालफीताशाही’ (Bureaucracy) पूरी तरह से बढ़ चुकी है. इसके साथ ही जब किसी भी छोटे फैसले के लिए कई मीटिंग्स और मैनेजर्स की मंजूरी की जरूरत पड़ती है, तो कंपनी की नवाचार (Innovation) करने की क्षमता पहले के मुताबकि और भी ज्यादा कम होते जा रही है.
कंपनी को मुख्य लक्ष्य को ठीक करने पर देना होगा ध्यान
इतना ही नहीं, कंपनी के सीईओ एंडी जेसी का मुख्य लक्ष्य “Span of Control” को फिलहाल पूरी तरह से ठीक करना है. जिसका सीधा मतलब यह है कि एक मैनेजर के नीचे अब ज्यादा कर्मचारी काम नहीं कर पाएंगे, जिससे बीच की फालतू मैनेजमेंट की परतें पूरू तरह से खत्म कर दी जाएंगी.
‘5-डे ऑफिस’ नियम को लेकर कंपनी ने किए बदलाव
इसके साथ ही, जनवरी 2026 से लागू होने वाला ‘5-डे ऑफिस’ नियम भी इसी सांस्कृतिक बदलाव का एक बेहद ही महत्वपूर्ण हिस्सा है. तो वहीं, दूरी तरफ जेसी का मानना है कि “डे 1” की मानसिकता को बनाए रखने के लिए कर्मचारियों के साथ बैठकर काम करना सबसे ज्यादा ज़रूरी हो जाता है. लेकिन, अंदरूनी सूत्र इसे एक रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं जिससे असंतुष्ट कर्मचारी खुद इस्तीफा दे दें, जिससे कंपनी को औपचारिक छंटनी का बोझ कम उठाना पड़ सके.