टीना अंबानी न्यूज़: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को फिर से समन भेजने वाला है, क्योंकि वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में पहले समन पर नहीं आईं. अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने financialexpress.com को यह खबर कन्फर्म की है. टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्ज़री कॉन्डोमिनियम खरीदने से जुड़े मनी ट्रेल के बारे में पूछताछ के लिए सोमवार को ED के सामने पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, वह सोमवार को पेश नहीं हुईं.
इस बीच, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट फ्रॉड की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है.
SC के निर्देश के बाद ED ने बनाई SIT
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ़्ते ADAG केस का रिव्यू करते हुए ईडी को केस की “निष्पक्ष, स्वतंत्र, तुरंत और निष्पक्ष” जांच के लिए एक एसआईटी बनाने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश तब आए जब बेंच ने देखा कि जांच एजेंसियों ने जांच शुरू करने के लिए पहले ही समय ले लिया है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी को फेडरल जांच एजेंसी की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) में एक एडिशनल डायरेक्टर-रैंक के अधिकारी लीड कर रहे हैं और इसमें लगभग आधा दर्जन अन्य इन्वेस्टिगेटर शामिल हैं.
SC ने CBI से सांठगांठ और मिलीभगत की जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से भी कहा था जो ग्रुप की जांच कर रहा है कि वह सांठगांठ, मिलीभगत और साजिश अगर कोई हो की जांच करे और अपनी जांच को उसके लॉजिकल नतीजे तक ले जाए.
ED ने ADAG जांच में 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की अटैच
ईडी पिछले साल से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस ग्रुप कंपनियों की जांच कर रहा है और अब तक प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तीन एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIRs) फाइल की हैं जो ईडी की पुलिस एफआईआर के बराबर हैं. इसके अलावा 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की है. सूत्रों ने कहा कि एसआईटी ADAG ग्रुप की कंपनियों और उनके अधिकारियों द्वारा किए गए कथित गैर-कानूनी कामों और संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच के लिए और ECIRs फाइल कर सकती है.
अनिल अंबानी से पिछले साल ईडी ने उनकी ग्रुप कंपनियों की कथित बैंक लोन अनियमितताओं के लिए पूछताछ की थी. कंपनी के एक पूर्व टॉप अधिकारी और RCOM के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने फंड डायवर्जन जांच में RCom, RHFL, RCFL जैसी कंपनियों का नाम लिया. ईडी ने पहले कहा था कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की कई कंपनियों द्वारा पब्लिक के पैसे को “धोखाधड़ी से डायवर्जन” करने का पता लगाया है, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर शामिल हैं.
ईडी ने पहले एक बयान में कहा था कि वह फाइनेंशियल क्राइम करने वालों का “एक्टिवली” पीछा कर रहा है और इस मामले में क्राइम से हुई कमाई को उनके सही दावेदारों को वापस दिलाने के लिए कमिटेड है.