FD vs RD: जब भी बात इंवेस्टमेंट की आती है तो लोग अक्सर कंफ्यूज रहते हैं. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) का पैसा आखिर कहां इंवेस्ट किया जाए कि भविष्य अच्छा हो. बता दें कि दोनों विकल्प निवेश के तौर पर बेहतरीन और सुरक्षित माने जाते हैं. इनमें गारंटीड रिटर्न मिलता ही है. लेकिन, इनके बीच कई तरह का डिफरेंस है, जो विभिन्न फाइनेंशियल टारगेट के लिए बढ़िया माना जाता है.
रेकरिंग डिपॉजिट (RD)
RD या रिकरिंग डिपॉज़िट एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जिसमें आप शुरुआत में एक साथ बड़ी रकम जमा नहीं करते हैं. इसके बजाय आप चुने हुए समय के लिए हर महीने एक छोटी फिक्स्ड रकम जमा करते हैं. फिर बैंक आपके डिपॉज़िट पर आपको इंटरेस्ट (RD इंटरेस्ट रेट) देता है. अगर आप सैलरी वाले व्यक्ति हैं या आपके पास इन्वेस्ट करने के लिए ज़्यादा पैसे नहीं हैं, तो RD आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन है.
यह न सिर्फ़ आपके पैसे बढ़ाता है बल्कि आपको बचत की आदत बनाने में भी मदद करता है. मैच्योर होने पर आपको इंटरेस्ट के साथ सारे पैसे वापस मिल जाते हैं. RD को किसी भी मायने में एफडी से कम नहीं आंक सकते हैं. यह भी अति सुरक्षित निवेश में एक माना जाता है. एफडी में जहां एक ही बार पूरी रकम जमा करनी होती है. वहीं, आरडी में बार-बार पैसा जमा कर सकते हैं. एक अवधि निश्चित होती है जिसमें इसकी पूरी राशि जमा कर देनी होती है.
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
जैसा कि नाम से पता चलता है, फिक्स्ड डिपॉज़िट या FD एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जहां आप एक तय समय के लिए एक साथ बड़ी रकम जमा करते हैं. यह समय 1 साल, 2 साल, 5 साल या 10 साल हो सकता है. इस दौरान बैंक इस पैसे को लॉक कर देता है और आपको एक फिक्स्ड FD इंटरेस्ट रेट देता है. आपका पैसा सुरक्षित रहता है और आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है. इसलिए यह देश में सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में से एक है. हालाँकि, अगर आप मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना चाहते हैं, तो आपको पेनल्टी फीस देनी होगी.
निवेश से पहले पूछें ये प्रश्न
सबसे जरूरी है कि मेरा लक्ष्य क्या है? अगर आपका टारगेट बच्चों की उच्च शिक्षा या रिटायरमेंट को लेकर है तो इस मामले में म्यूचुअल फंड को अहमियत देनी चाहिए. लेकिन, अगर आपके यहां अगले साल बहन की शादी है तो इस कंडीशन में एफडी या आरडी को चुनना सही रहेगा. साथ ही यह सवाल भी होना चाहिए कि मेरी रिस्क लेने की क्षमता कितनी है? इन दोनों विकल्पों में रिटर्न स्थिर और गारंटीड वाला है. हालांकि, ब्याज दरें सीमित रहती हैं। वर्तमान में अनुमान के तौर पर FD और RD पर ब्याज दर लगभग 6-7% के बीच है. इसका मतलब है कि महंगाई दर यदि अधिक होती है तो असल रिटर्न में कमी हो सकती है.