Gas Cylinder: देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने के चलते रेस्तरां और होटल आदि तो बंद होने की कगार पर खड़े हैं. लेकिन, ऐसे में ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी गैस सिलेंडर नहीं मिलने का खतरा गहरा रहा है. दरअसल, गैस सिलेंडर नहीं मिल पाने की वजह से ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री पर प्रभाव पड़ा है. Automotive Component Manufacturers Association of India (ACMA) ने इसे लेकर सरकार को गुहार भी लगाई है.
इस बीच लॉजिस्टिक लागत और ईंधन की आपूर्ति करने के लिए ACMAने सरकार से मदद मांगी है. इसके चलते फैक्ट्री और ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री में काम कर रहे मजदूर वापस घर की ओर लौट रहे हैं.
ACMA ने सरकार से कही ये बात
ACMA ने गैस सिलेंडर की किल्लत को देखते हुए सोमवार को कहा कि स्थिति फिलहाल कोरोना महामारी जैसी गंभीर नहीं है, लेकिन अगर इसका समाधान जल्दी नहीं किया गया तो ऐसे में हालात और बिगड़ सकते हैं. ACMA के महानिदेशक विन्नी मेहता ने बताया कि कई मजदूर फैक्ट्रियों के पास किराए पर रहते हैं और गैस बर्नर का इस्तेमाल करके खाना बनाते हैं. लेकिन, उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है. देखा जाए तो अब मुख्य समस्या है कि मजदूर गैस नहीं मिल पाने के चलते खाना बनाने में असमर्थ हो गए हैं इसलिए मजबूरन उन्हें गांव का रुख करना पड़ रहा है.
LPG का क्या है ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में योगदान?
एलपीजी ऑटोमोबाइल सेक्टर औरऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री के संचालन में अहम भूमिका निभाती है. बहुत से लोग अपनी कार में ईंधन के तौर पर एलपीजी को लगाते हैं. पर्यावरण के अनुकूल एक सस्ता और किफायती विकल्प माना जाता है. ऐसे में जब गैस सिलेंडर या एलपीजी गैस मिलने में समस्या हो रही है तो कारों में एलपीजी किट इंस्टॉल नहीं हो पा रही हैं. दरअसल, एलपीजी नहीं मिलने से फैक्ट्रियों पेंट क्योरिंग और पाउडर-कोटिंग ओवन जैसे उत्पादन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे पूरी इंडस्ट्री पर असर पड़ रहा है. काम नहीं हो पाने के चलते लॉजिस्टिक कॉस्ट में भी 20 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा रही है.