सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से केविन वार्श को अमेरिकी फेडरल रिजर्व का प्रमुख बनाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं.
सोने और चांदी की कीमतें
Gold Silver Price Prediction: पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जबकि पिछले एक साल से ग्लोबल उथल-पुथल के कारण इनकी कीमतें लगातार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच रही थीं. ज़ाहिर है इससे निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है की क्या इस गिरावट के दौरान सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है, या कीमतों के और गिरने का इंतज़ार करना बेहतर होगा? इस हफ़्ते बुलियन मार्केट में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कीमतों में भारी गिरावट के मुख्य कारण मज़बूत होता अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बढ़ती उम्मीदें मानी जा रही हैं.
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण यह है कि ऐसी अटकलें बढ़ गई हैं कि ट्रंप प्रशासन US फेडरल रिज़र्व के प्रमुख के पद के लिए केविन वॉर्श को नॉमिनेट करेगा. इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर डॉलर और कीमती धातुओं पर पड़ा है. इसके अलावा, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और लॉन्ग-टर्म पॉलिसी संकेतों ने भी बाज़ार को प्रभावित किया है.
घरेलू स्तर पर, 2026 के बजट में सोने और चांदी के बारे में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई, जिससे इन धातुओं को कोई खास सपोर्ट नहीं मिला. अब बाज़ार का ध्यान रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के आने वाले फैसलों, US रोज़गार के आंकड़ों और PMI डेटा पर है, जो यह तय करेंगे कि कीमतें स्थिर होंगी या उनमें उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में अनिश्चितता अभी बनी रहेगी. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, आने वाले दिनों में इन मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सावधानी से आगे बढ़ने की ज़रूरत है. इस बीच, रविवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही, चांदी वायदा नौ प्रतिशत गिरकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जबकि सोना तीन प्रतिशत गिरकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया.
मार्च डिलीवरी के लिए चांदी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर लोअर सर्किट पर बंद हुई. जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज में EBG कमोडिटीज एंड करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, घरेलू बाज़ार में सोना अब अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से लगभग 20 प्रतिशत नीचे है, जबकि चांदी में लगभग 37 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो हाल ही में तेज़ प्रॉफ़िट-टेकिंग और कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी के बाद एक नैचुरल करेक्शन को दिखाता है.
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