आज सोने का भाव (आज का सोने का रेट) 1 अप्रैल 2026: बुधवार (4 मार्च) को सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली और यह लगभग दो हफ्ते के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया. लगातार चौथे सत्र में बढ़त का यह सिलसिला जारी रहा, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से समर्थन मिला. साथ ही कमजोर डॉलर ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी.सुबह 5:05 बजे तक स्पॉट गोल्ड 0.5% यानी 21 डॉलर बढ़कर 4,688.44 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. यह लगातार चौथा दिन है जब सोने में तेजी देखी गई। कीमतें 20 मार्च के बाद के अपने उच्चतम स्तर के आसपास बनी हुई हैं.
पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि कीमती धातुएं (Precious Metals) इक्विटी और बॉन्ड यील्ड के विपरीत दिशा में चल रही हैं. गिरती बॉन्ड यील्ड और स्थिर डॉलर इंडेक्स सोना और चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं.
शहर के हिसाब से 24K, 22K और 18K सोने का रेट
| शहर का नाम | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 18 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| चेन्नई | ₹1,49,130 | ₹1,36,700 | ₹1,14,600 |
| मुंबई | ₹1,49,510 | ₹1,37,050 | ₹1,12,130 |
| दिल्ली | ₹1,49,660 | ₹1,37,200 | ₹1,12,280 |
| बेंगलुरु | ₹1,49,510 | ₹1,37,050 | ₹1,12,130 |
| कोच्चि | ₹1,49,510 | ₹1,37,050 | ₹1,12,130 |
| कोलकाता | ₹1,49,510 | ₹1,37,050 | ₹1,12,130 |
| हैदराबाद | ₹1,49,510 | ₹1,37,050 | ₹1,12,130 |
| पटना | ₹1,49,560 | ₹1,37,100 | ₹1,12,180 |
| लखनऊ | ₹1,49,660 | ₹1,37,200 | ₹1,12,280 |
कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग
अमेरिकी डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 0.1% गिरकर 100 के स्तर से नीचे आ गया. कमजोर डॉलर की वजह से विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है.जेनर मेटल्स के वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर मेटल स्ट्रैटेजिस्ट पीटर ग्रांट के अनुसार, “सोने में मौजूदा तेजी सकारात्मक है और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से प्रेरित है. हालांकि, ट्रेंड के जारी रहने की पुष्टि के लिए और तेजी जरूरी है.”
आज IBJA के अनुसार सोने का भाव
| शुद्धता (कैरेट) | सुबह का रेट (प्रति 10 ग्राम) | शाम का रेट |
|---|---|---|
| 24 कैरेट गोल्ड | ₹1,46,733 | – |
| 23 कैरेट गोल्ड | ₹1,46,145 | – |
| 22 कैरेट गोल्ड | ₹1,34,407 | – |
| 18 कैरेट गोल्ड | ₹1,10,050 | – |
| 14 कैरेट गोल्ड | ₹85,839 | – |
भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध “दो से तीन हफ्तों” में खत्म हो सकता है और इसे खत्म करने के लिए ईरान को कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है. इन खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई. मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान इस युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी की जाएं.तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का दबाव कम होता है, जिससे ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की संभावना घटती है. इसका सीधा फायदा सोने की कीमतों को मिलता है.
2008 के बाद सबसे खराब प्रदर्शन
मार्च महीने में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सात महीनों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया. यह गिरावट 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है.वैश्विक वित्तीय संकट 2007 से 2009 के बीच आया था, जो सितंबर 2008 में लेहमन ब्रदर्स के दिवालिया होने के बाद अपने चरम पर पहुंचा.