Income Tax Update: 1 अप्रैल से आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो जाएगा, जो 60 साल पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा. यह 2026-27 के बजट में टैक्स कानूनों में किए गए बदलावों को नए कानून में शामिल किया जाएगा.
टैक्स के रेट में कोई बदलाव नहीं
2025 का आयकर कानून राजस्व के हिसाब से मजबूत है और यहां टैक्स के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें सिर्फ प्रत्यक्ष कर कानूनों को आसान बनाया गया है.
धाराओं की संख्या 50 प्रतिशत कम
1961 के आयकर अधिनियम की तुलना में इसमें टैक्स वोल्यूम और सेक्शन की संख्या लगभग 50 प्रतिशत कम कर दी गई है. नए कानून ने आकलन वर्ष और पिछले वर्ष के बीच के अंतर को समाप्त करके कर भुगतान की समयसीमा को आसान बना दिया है, और इसके स्थान पर एक ही ‘कर वर्ष’ का ढांचा लागू किया गया है.
बिना किसी जुर्माने के TDS रिफंड
यह करदाताओं को समय सीमा के बाद भी आयकर रिटर्न दाखिल करने पर बिना किसी जुर्माने के TDS रिफंड का दावा करने की अनुमति देता है. व्यक्तियों, कॉर्पोरेट्स , HUFs और अन्य के कराधान के संबंध में कोई भी परिवर्तन, जिसकी घोषणा 1 फरवरी को 2026-27 के बजट में की जाएगी, उसे नए आयकर अधिनियम, 2025 में शामिल किया जाएगा.
नया नियम क्या है?
नए टैक्स लॉ को लागू करने के नियम बन रहे हैं और वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश होने के बाद इन्हें अधिसूचित किए जाने की उम्मीद है. संसदीय समिति द्वारा गहन जांच के बाद, नए आयकर कानून को संसद द्वारा 12 अगस्त, 2025 को मंजूरी दी गई थी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति प्राप्त होने के बाद यह 21 अगस्त, 2025 को अधिनियम बना.
नियमों का अंतिम रूप फाइनल
आयकर अधिनियम, 2025 से संबंधित नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि अग्रिम कर भुगतान, टीडीएस आदि से संबंधित विभिन्न कर रिटर्न प्रपत्रों को इसके बाद अधिसूचित किया जाएगा.