सैलरी पर क्या पड़ेगा असर?
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता ने ET को बताया कि रिटायरमेंट सिक्योरिटी तो बेहतर होगी, लेकिन खर्चों को बैलेंस करने की कोशिशों से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी कम हो सकती है. EY इंडिया के पुनीत गुप्ता के अनुसार, लेबर कोड लागू होने से ग्रेच्युटी बढ़ना तय है, क्योंकि अब इसे सैलरी के आधार पर कैलकुलेट किया जाएगा, जिसमें बेसिक सैलरी और HRA और कन्वेयंस अलाउंस को छोड़कर ज़्यादातर अलाउंस शामिल हैं. हालांकि, कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में कमी को लेकर चिंता बनी हुई है.