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दूध कारोबारियों के लिए नया नियम, FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस हुआ अनिवार्य, फिर करें कारोबार

FSSAI : राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूध में मिलावट की हालिया घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, दूध विक्रेताओं को एफएसएसएआई का पंजीकरण और लाइसेंसिंग जरूरी कर दिया गया है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-03-12 15:11:53

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FSSAI: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दूध उत्पादकों और दूध विक्रेताओं के लिए एक सलाह जारी किया है और  निर्देश दिया है कि जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य नहीं हैं, वे अपने खाद्य व्यवसाय संचालन को शुरू करने या जारी रखने से पहले अनिवार्य पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त कर लें. 

लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही काम कर रहें

11 मार्च को जारी किए गए इस सलाह में नियामक ने कहा कि उसे यह जानकारी मिली है कि कुछ दूध उत्पादक और विक्रेता बिना पंजीकरण कराए या खाद्य व्यवसाय गतिविधियों को संचालित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही काम कर रहे हैं.

दूध बेचने वाले विक्रेताओं पर भी लागू

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि सहकारी समिति अधिनियम के तहत डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्यों को छोड़कर, जो अपना संपूर्ण दूध उत्पादन समिति को ही आपूर्ति करते हैं, सभी दूध उत्पादकों को प्राधिकरण के साथ पंजीकरण कराना जरूरी है. यह दूध बेचने वाले विक्रेताओं पर भी लागू होती है.

दूध में मिलावट की घटनाएं

नियामक ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूध में मिलावट की हालिया घटनाओं बहुत ज्यादा देखने को मिली है जिसे देखते हुए पंजीकरण और लाइसेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

नियमों को लागू करने के लिए निर्देश

नियमों को लागू करने के लिए, एफएसएसएआई ने केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन अधिकारियों से नामित अधिकारियों, केंद्रीय लाइसेंसिंग अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया कि दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के पास, जहां भी लागू हो, वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र या लाइसेंस हैं या नहीं.

समय-समय पर भंडारण की जांच जरूरी

अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे उत्पादकों और दूध विक्रेताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले दूध का समय-समय पर जांच करें ताकि भंडारण के लिए उचित तापमान और रखरखाव मानकों को सुनिश्चित पालन किया जा सके.

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Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-03-12 15:11:53

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FSSAI: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दूध उत्पादकों और दूध विक्रेताओं के लिए एक सलाह जारी किया है और  निर्देश दिया है कि जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य नहीं हैं, वे अपने खाद्य व्यवसाय संचालन को शुरू करने या जारी रखने से पहले अनिवार्य पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त कर लें. 

लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही काम कर रहें

11 मार्च को जारी किए गए इस सलाह में नियामक ने कहा कि उसे यह जानकारी मिली है कि कुछ दूध उत्पादक और विक्रेता बिना पंजीकरण कराए या खाद्य व्यवसाय गतिविधियों को संचालित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही काम कर रहे हैं.

दूध बेचने वाले विक्रेताओं पर भी लागू

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि सहकारी समिति अधिनियम के तहत डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्यों को छोड़कर, जो अपना संपूर्ण दूध उत्पादन समिति को ही आपूर्ति करते हैं, सभी दूध उत्पादकों को प्राधिकरण के साथ पंजीकरण कराना जरूरी है. यह दूध बेचने वाले विक्रेताओं पर भी लागू होती है.

दूध में मिलावट की घटनाएं

नियामक ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूध में मिलावट की हालिया घटनाओं बहुत ज्यादा देखने को मिली है जिसे देखते हुए पंजीकरण और लाइसेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

नियमों को लागू करने के लिए निर्देश

नियमों को लागू करने के लिए, एफएसएसएआई ने केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन अधिकारियों से नामित अधिकारियों, केंद्रीय लाइसेंसिंग अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया कि दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के पास, जहां भी लागू हो, वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र या लाइसेंस हैं या नहीं.

समय-समय पर भंडारण की जांच जरूरी

अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे उत्पादकों और दूध विक्रेताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले दूध का समय-समय पर जांच करें ताकि भंडारण के लिए उचित तापमान और रखरखाव मानकों को सुनिश्चित पालन किया जा सके.

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