Petrol Diesel Price Today 28 September 2026: आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹102.12 प्रति लीटर है, जबकि डीज़ल का दाम ₹95.20 प्रति लीटर है. इसी तरह, मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 और डीज़ल ₹97.83 प्रति लीटर है. शहरों में फ्यूल के दाम काफी अलग-अलग होते हैं. ऐसा राज्यों के टैक्स, इंटरनेशनल क्रूड ऑयल के दाम और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से होता है.
पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
Petrol Diesel Price Today 28 September 2026: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL, और IOCL) ने 28 सितंबर के लिए पेट्रोल और डीज़ल के नए रेट जारी कर दिए हैं. पेट्रोल और डीज़ल के रेट हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं, इसलिए ड्राइवरों के लिए यह ज़रूरी है कि वे पेट्रोल पंप पर जाने से पहले अपने शहर में मौजूदा रेट देख लें.
आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹102.12 प्रति लीटर है, जबकि डीज़ल का दाम ₹95.20 प्रति लीटर है. इसी तरह, मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 और डीज़ल ₹97.83 प्रति लीटर है. शहरों में फ्यूल के दाम काफी अलग-अलग होते हैं. ऐसा राज्यों के टैक्स, इंटरनेशनल क्रूड ऑयल के दाम और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से होता है.
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| जमशेदपुर | 106.09 रुपये | 101.23 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| लखनऊ | 101.86 रुपये | 95.36 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| कानपुर | 101.78 रुपये | 95.27 रुपये |
| भोपाल | 115.41 रुपये | 100.47 रुपये |
| कोच्चि | 105.71 रुपये | 96.30 रुपये |
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं.
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है. जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है.
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है. यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है.
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं. यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है.
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है. ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है.
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं. खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है.
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