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पोस्ट ऑफिस FD vs RD: किसमें ज्यादा फायदा, ब्याज दर, टैक्स और निवेश तरीका

Post Office FD vs RD:पोस्ट ऑफिस के फिक्स्ड डिपॉजिट में ज्यादा फायदा है या रिकरिंग डिपॉजिट. देखें, दोनों के बीच मुख्य अंतर क्या है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-01-08 20:16:57

Post Office FD vs RD: पोस्ट ऑफिस FD और पोस्ट ऑफिस RD, दोनों स्कीम भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है. जिससे पूंजी सुरक्षित होने के साथ-साथ बढ़िया रिटर्न भी मिलता है. पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) अनुशासित मंथली सेविंग्स करने वालों के लिए बेहतर तरीका है और एकमुश्त पैसा जमा करने वालों के लिए पॉस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट बेस्ट है.

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD)

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट पांच वर्ष का बचत प्लान होता है, जहां आप हर महीना एक तय राशि जमा करते हैं. यह उन लोगों के लिए अच्छा होता है, जो हर महिने पैसा बचाना चाहते हैं. ब्याज को तीन महिने से कंपाउंड किया जाता है और मैच्योरिटी होने पर भुगतान किया जाता है, जो आपके पूंजी में समय पर स्थिर वृद्धी करता है. 

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को टाइम डिपॉजित अकाउंड कहते हैं, जहां व्यक्ति एकमुश्त रकम जमा किया जाता है और एक निश्चित अवधि के बाद उसे ब्याज के साथ मैच्योरिटी राशि मिलता है. इसके निवेश की अवधी 1 से 5 साल के बीच हो सकता है. इसमें आप एक बार में बड़ी राशी डाल सकते हैं.

मुख्य बिन्दु पोस्ट ऑफिस FD     पोस्ट ऑफिस RD
अवधि     1–5 साल     5 साल
किसके लिए बेहतर है बड़ी रकम जमा करने के लिए  नियमित बचत के लिए
न्यूनतम निवेश     1,000 रुपये     ₹100/m
टैक्स बेनिफिट     सिर्फ 5 साल FD पर     नहीं
ब्याज कंपाउंडिंग     वार्षिक त्रैमासिक
निवेश तरीका     एकमुश्त रकम     हर महीने निवेश

टैक्स का हिसाब-किताब

फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलेने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है. इसमें 5 साल की FD फिक्स्ड डिपॉजिट पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. लेकिन रिकरिंग डिपॉजिट में टैक्स छूट नहीं मिलता है. इसमें ब्याज पर टैक्स देना होता है.

किसका ब्याज दर ज्यादा होता है?

ब्याज दर की बात करें तो दोनों का ब्याज दर टाइम-टू-टाइम बदलते रहता है. फिक्स्ड डिपॉजिट का इंटरेस्ट अमाउंट 1 से 5 साल की अवधी के हिसाब से अलग-अलग होता है. रिकरिंग डिपॉजिट का ब्याज दर फिक्स्ड डिपोजिट से हल्की सी कम होती है..

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पोस्ट ऑफिस FD vs RD: किसमें ज्यादा फायदा, ब्याज दर, टैक्स और निवेश तरीका

Post Office FD vs RD:पोस्ट ऑफिस के फिक्स्ड डिपॉजिट में ज्यादा फायदा है या रिकरिंग डिपॉजिट. देखें, दोनों के बीच मुख्य अंतर क्या है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-01-08 20:16:57

Post Office FD vs RD: पोस्ट ऑफिस FD और पोस्ट ऑफिस RD, दोनों स्कीम भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है. जिससे पूंजी सुरक्षित होने के साथ-साथ बढ़िया रिटर्न भी मिलता है. पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) अनुशासित मंथली सेविंग्स करने वालों के लिए बेहतर तरीका है और एकमुश्त पैसा जमा करने वालों के लिए पॉस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट बेस्ट है.

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD)

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट पांच वर्ष का बचत प्लान होता है, जहां आप हर महीना एक तय राशि जमा करते हैं. यह उन लोगों के लिए अच्छा होता है, जो हर महिने पैसा बचाना चाहते हैं. ब्याज को तीन महिने से कंपाउंड किया जाता है और मैच्योरिटी होने पर भुगतान किया जाता है, जो आपके पूंजी में समय पर स्थिर वृद्धी करता है. 

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को टाइम डिपॉजित अकाउंड कहते हैं, जहां व्यक्ति एकमुश्त रकम जमा किया जाता है और एक निश्चित अवधि के बाद उसे ब्याज के साथ मैच्योरिटी राशि मिलता है. इसके निवेश की अवधी 1 से 5 साल के बीच हो सकता है. इसमें आप एक बार में बड़ी राशी डाल सकते हैं.

मुख्य बिन्दु पोस्ट ऑफिस FD     पोस्ट ऑफिस RD
अवधि     1–5 साल     5 साल
किसके लिए बेहतर है बड़ी रकम जमा करने के लिए  नियमित बचत के लिए
न्यूनतम निवेश     1,000 रुपये     ₹100/m
टैक्स बेनिफिट     सिर्फ 5 साल FD पर     नहीं
ब्याज कंपाउंडिंग     वार्षिक त्रैमासिक
निवेश तरीका     एकमुश्त रकम     हर महीने निवेश

टैक्स का हिसाब-किताब

फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलेने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है. इसमें 5 साल की FD फिक्स्ड डिपॉजिट पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. लेकिन रिकरिंग डिपॉजिट में टैक्स छूट नहीं मिलता है. इसमें ब्याज पर टैक्स देना होता है.

किसका ब्याज दर ज्यादा होता है?

ब्याज दर की बात करें तो दोनों का ब्याज दर टाइम-टू-टाइम बदलते रहता है. फिक्स्ड डिपॉजिट का इंटरेस्ट अमाउंट 1 से 5 साल की अवधी के हिसाब से अलग-अलग होता है. रिकरिंग डिपॉजिट का ब्याज दर फिक्स्ड डिपोजिट से हल्की सी कम होती है..

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