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कौन हैं पीआर रमेश? जो VerSe Innovation के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में हुए शामिल

PR Ramesh: डेलाइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश न्यूज़ एग्रीगेटर Dailyhunt और कॉल और चैट ऐप Josh की पेरेंट कंपनी VerSe Innovation के बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गए हैं.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: March 31, 2026 15:47:08 IST

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PR Ramesh: डेलाइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश न्यूज़ एग्रीगेटर Dailyhunt और कॉल और चैट ऐप Josh की पेरेंट कंपनी VerSe Innovation के बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गए हैं. कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी.

कंपनी ने बताया कि VerSe में रमेश बोर्ड की ऑडिट कमेटी की अध्यक्षता भी करेंगे और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की सत्यता, इंटरनल कंट्रोल, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑडिट प्रक्रियाओं की देखरेख करेंगे.

कौन हैं पीआर रमेश?

रमेश अभी कई जानी-मानी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं या पहले रह चुके हैं, जिनमें Air India, Cipla, Nestle India और Larsen & Toubro शामिल हैं. VerSe के बोर्ड में उनकी नियुक्ति कंपनी के तत्कालीन ऑडिटर, Deloitte द्वारा वित्त वर्ष 2024 के लिए कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में कुछ कमियों को उजागर किए जाने के लगभग एक साल बाद हुई है.

Deloitte ने कहा था कि ये बड़ी कमज़ोरियां अकाउंटिंग से जुड़े मामलों में गलतबयानी का कारण बन सकती हैं, जिनमें ऑपरेटिंग खर्च, ट्रेड पेयबल्स और खर्च खातों का बैलेंस शामिल है. हालांकि, अपनी ऑडिट रिपोर्ट में Deloitte ने यह भी कहा था कि इन बड़ी कमज़ोरियों का कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों पर उसकी राय पर कोई असर नहीं पड़ा.

अब तक कितना फंड जुटाया?

बेंगलुरु स्थित VerSe Innovation ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक $2 बिलियन से ज़्यादा का फंड जुटाया है। इसे Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB), Ontario Teachers’ Pension Fund, James Murdoch की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म Lupa Systems और Z47 (पहले Matrix Partners) जैसे निवेशकों का समर्थन प्राप्त है. कंपनी ने आखिरी बार 2022 में CPPIB के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड में $805 मिलियन जुटाए थे, जिससे इसका मूल्यांकन लगभग $5 बिलियन हो गया था.

पीआर रमेश ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर पीआर रमेश का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहां कि VerSe ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में काफी बड़े पैमाने पर अपना कारोबार खड़ा किया है. इस बड़े पैमाने के साथ यह ज़िम्मेदारी भी आती है कि गवर्नेंस सिस्टम, फाइनेंशियल कंट्रोल और रिस्क की निगरानी कंपनी की ग्रोथ के साथ-साथ चलती रहे. मज़बूत संस्थाएं सिर्फ़ इनोवेशन पर ही नहीं, बल्कि अनुशासन और जवाबदेही पर भी खड़ी होती हैं. इसके अलावा, उन्होंने आगे कहा कि मैं बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर इन सिद्धांतों को और मज़बूती से लागू करने और एक ऐसा गवर्नेंस ढाँचा तैयार करने में मदद करने के लिए उत्सुक हूं, जो लगातार और ज़िम्मेदार ग्रोथ को बढ़ावा दे.

कंपनी के बोर्ड में कौन-कौन शामिल हैं?

रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, रमेश और VerSe के संस्थापकों उमंग बेदी और वीरेंद्र गुप्ता के अलावा, कंपनी के बोर्ड में Z47 के विक्रम वैद्यनाथन, Lupa Systems के नितिन कुकरेजा, CPPIB के प्राकुल कौशिवा, बेल्जियम के निवेशक Sofina की याना कचुरिना, Carlyle Group के नीरज भारद्वाज, Alpha Wave Global के उत्सव मित्रा और Ontario Teachers’ Pension Plan के दीपक दारा भी डायरेक्टर के तौर पर शामिल हैं.

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Written By: Sohail Rahman
Last Updated: March 31, 2026 15:47:08 IST

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PR Ramesh: डेलाइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश न्यूज़ एग्रीगेटर Dailyhunt और कॉल और चैट ऐप Josh की पेरेंट कंपनी VerSe Innovation के बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गए हैं. कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी.

कंपनी ने बताया कि VerSe में रमेश बोर्ड की ऑडिट कमेटी की अध्यक्षता भी करेंगे और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की सत्यता, इंटरनल कंट्रोल, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑडिट प्रक्रियाओं की देखरेख करेंगे.

कौन हैं पीआर रमेश?

रमेश अभी कई जानी-मानी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं या पहले रह चुके हैं, जिनमें Air India, Cipla, Nestle India और Larsen & Toubro शामिल हैं. VerSe के बोर्ड में उनकी नियुक्ति कंपनी के तत्कालीन ऑडिटर, Deloitte द्वारा वित्त वर्ष 2024 के लिए कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में कुछ कमियों को उजागर किए जाने के लगभग एक साल बाद हुई है.

Deloitte ने कहा था कि ये बड़ी कमज़ोरियां अकाउंटिंग से जुड़े मामलों में गलतबयानी का कारण बन सकती हैं, जिनमें ऑपरेटिंग खर्च, ट्रेड पेयबल्स और खर्च खातों का बैलेंस शामिल है. हालांकि, अपनी ऑडिट रिपोर्ट में Deloitte ने यह भी कहा था कि इन बड़ी कमज़ोरियों का कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों पर उसकी राय पर कोई असर नहीं पड़ा.

अब तक कितना फंड जुटाया?

बेंगलुरु स्थित VerSe Innovation ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक $2 बिलियन से ज़्यादा का फंड जुटाया है। इसे Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB), Ontario Teachers’ Pension Fund, James Murdoch की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म Lupa Systems और Z47 (पहले Matrix Partners) जैसे निवेशकों का समर्थन प्राप्त है. कंपनी ने आखिरी बार 2022 में CPPIB के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड में $805 मिलियन जुटाए थे, जिससे इसका मूल्यांकन लगभग $5 बिलियन हो गया था.

पीआर रमेश ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर पीआर रमेश का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहां कि VerSe ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में काफी बड़े पैमाने पर अपना कारोबार खड़ा किया है. इस बड़े पैमाने के साथ यह ज़िम्मेदारी भी आती है कि गवर्नेंस सिस्टम, फाइनेंशियल कंट्रोल और रिस्क की निगरानी कंपनी की ग्रोथ के साथ-साथ चलती रहे. मज़बूत संस्थाएं सिर्फ़ इनोवेशन पर ही नहीं, बल्कि अनुशासन और जवाबदेही पर भी खड़ी होती हैं. इसके अलावा, उन्होंने आगे कहा कि मैं बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर इन सिद्धांतों को और मज़बूती से लागू करने और एक ऐसा गवर्नेंस ढाँचा तैयार करने में मदद करने के लिए उत्सुक हूं, जो लगातार और ज़िम्मेदार ग्रोथ को बढ़ावा दे.

कंपनी के बोर्ड में कौन-कौन शामिल हैं?

रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, रमेश और VerSe के संस्थापकों उमंग बेदी और वीरेंद्र गुप्ता के अलावा, कंपनी के बोर्ड में Z47 के विक्रम वैद्यनाथन, Lupa Systems के नितिन कुकरेजा, CPPIB के प्राकुल कौशिवा, बेल्जियम के निवेशक Sofina की याना कचुरिना, Carlyle Group के नीरज भारद्वाज, Alpha Wave Global के उत्सव मित्रा और Ontario Teachers’ Pension Plan के दीपक दारा भी डायरेक्टर के तौर पर शामिल हैं.

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