Pradhan Mantri Awas Yojana | PM Awas Yojana apply online | Pradhan Mantri Awas Yojana 2026: रोटी और कपड़ा के बाद परिवार और किसी शख्स की जरूरत होती है- आवास (घर)की. शहरों में बढ़ती महंगाई के चलते मध्यम वर्ग के लिए आवास एक सपने की तरह है. मध्य वर्ग के लिए आवास का सपना पूरा कर रही है- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY). PMAY के जरिये शहर और गांव दोनों ही जगहों पर सस्ती कीमत आवास उपलब्ध कराए जाते हैं. शहरी (PMAY-U) और ग्रामीण (PMAY-G) इलाकों में ईडब्ल्यूएस (कमजोर आय वर्ग) को पक्का घऱ दिया जाता है, वह भी सस्ते कीमत पर. PMAY का मकसद 2024-25 से 2028-29 के दौरान (PMAY 2.0) तक जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है. ऐसे घरों में बिजली और पानी के साथ-साथ जरूरत की सारी सुविधाएं हों.
PMAY स्कीम कब हुई थी लॉन्च?
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को करीब 11 साल पहले जून, 2015 में लॉन्च किया गया था. इसका मकसद ‘सभी के लिए घर’ का कॉन्सेप्ट है. नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत वर्ष 2024 तक भारत की शहरी और ग्रामीण आबादी के लिए 2 करोड़ घर बनाने का प्रस्ताव है. कोरोना के दौर में काम में दिक्कत आई, लेकिन अब इसको लेकर काम जोरों पर है. इस पॉलिसी का मकसद समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों के लोगों के लिए किफायती आवास मुहैया कराना है.
PMAY योजना मकसद
निजी क्षेत्र की भागीदारी से झुग्गी-झोपड़ियों के स्थान पर आवास बनाना.
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के ज़रिए किफायती आवास मुहैया कराना.
निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों की साझेदारी की मदद के जरिये मकसद पूरा करना.
लाभार्थी द्वारा खुद घर का निर्माण और सुधार करवाना भी शामिल है.
क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना
PMAY योजना का मकसद आवास क्षेत्र को कई तरीकों से विकसित करना है और लोगों को रियायती होम लोन ब्याज दर पर छूट भी दिलाना है. यह योजना घरों के निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देती है. PMAY योजना के दो मुख्य हिस्से हैं. इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) (PMAY-U) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) (PMAY-G और PMAY-R)। PMAY-U शहरी आबादी पर लागू होती है. वहीं, PMAY-G और PMAY-R ग्रामीण आबादी पर लागू होती हैं। PMAY-U में तीन योजनाएं शामिल हैं. इसमें EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (कम आय वर्ग), CLSS (MIG-I) और CLSS (MIG-II)। PMAY-U शामिल हैं.
मंज़ूर किए गए घर : 88 लाख
पूरे हुए घर: 26 लाख
जिन घरों में लोग रहने लगे : 24 लाख
कुल निवेश : 5.20 लाख करोड़ रुपये
मंज़ूर की गई केंद्रीय सहायता : 1.37 लाख करोड़ रुपये
दी गई केंद्रीय सहायता : 52,000+ करोड़ रुपये
PMAY की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
- 20 साल की अवधि के लिए होम लोन की ब्याज दर पर 6.5% की सब्सिडी
- बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर घर की सुविधा अनिवार्य
- घर बनाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य
- योजना का दायरा बढ़ाकर भारत के सभी शहरी इलाकों को इसमें शामिल करना
- महिलाओं को घर का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करना; इसके लिए यह अनिवार्य किया गया है कि घर का रजिस्ट्रेशन परिवार के पुरुष और महिला, दोनों मुखियाओं के नाम पर हो (सिवाय तब, जब परिवार में कोई महिला सदस्य न हो)
PMAY के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
PMAY के लिए पात्रता मानदंड इस बात पर निर्भर करता है कि आप 3 अलग-अलग योजनाओं के तहत तय किए गए पैमानों के आधार पर किस श्रेणी में आते हैं. ये पैमाने मुख्य रूप से आपकी आय, आर्थिक स्थिति और घर की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। यहाँ हर योजना के बारे में विस्तार से बताया गया है.
EWS/LIG योजना के तहत
आपकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए
आपकी आय इससे ज़्यादा नहीं होनी चाहिए