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Punit Garg ED custody: ईडी के शिकंजे में कैसे फंसे रिलायंस कॉम के पूर्व प्रेसिडेंट, 40,000 करोड़ का क्या है मामला?

Punit Garg ED custody: ईडी ने आरकॉम के पूर्व प्रेसिडेंट को कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया. आगे क्या होगा, यह जांच के बाद पता चलेगा?

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-01-31 11:53:00

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Punit Garg ED custody: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया है. गर्ग पर कथित तौर पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड का मामला सामने आया. अधिकारियों ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी. ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग बिजनेसमैन अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस में पूर्व अध्यक् रह चुके हैं. एक बयान के मुताबिक, दिल्ली की एक विशेष PMLA अदालत ने उन्हें नौ दिनों के लिए प्रवर्तन विभाग की हिरासत में भेजा. 

आरकॉम के पूर्व प्रेसिडेंट पर मनी लॉड्रिंग का मामला

ईडी ने बताया कि पुनीत गर्ग पर कथित रुप से 40 हजार करोड़ की मनी लॉड्रिंग का मामला है. ईडी की दी गई जानकारी के हिसाब से गर्ग की पत्नी के नाम पर शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स थे, इन्हें फिलहाल जब्त कर लिया गया है. ईडी ने यह दावा किया है कि गर्ग ने साल 2001 से 2025 तक की अवधि के दौरान बैंक धोखाधड़ी से हुई इनकम को प्राप्त करने, रखने, छिपाने सहित लेयरिंग करने और खर्च करने में, गर्ग का हाथ रहा. एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर धन की बड़ी मात्रा में हेराफेरी की गई. 

पद का किया दुरुपयोग

एजेंसी के अनुसार, पुनीत गर्ग ने अपने कार्यकाल के दौरान पद का गलत इस्तेमाल किया और वित्तीय संबंधी हेराफेरी की. ED ने एक बयान में कहा कि जांच में पता चला है कि अपराध की कमाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम अपार्टमेंट खरीदने के लिए डायवर्ट किया गया था. इस प्रॉपर्टी को RCOM के कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान पुनीत गर्ग ने धोखाधड़ी से बेचा था. 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री की रकम को अमेरिका से एक दुबई-बेस्ड कंपनी के साथ एक फर्जी इन्वेस्टमेंट अरेंजमेंट के बहाने भेजा गया था. इसे पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा कंट्रोल किया जाता था. यह सब रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की जानकारी या सहमति के बिना किया गया था.

ईडी के जाल में फंसे गर्ग

सेंट्रल एजेंसी ने गर्ग पर RCOM द्वारा लिए गए बैंक लोन को अपने पर्सनल खर्चों के लिए डायवर्ट करने का भी आरोप लगाया है. इसमें उनके बच्चों की विदेश में पढ़ाई से जुड़े पेमेंट भी शामिल हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद गर्ग को राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. एजेंसी ने उन्हें मामले में आगे की पूछताछ के लिए नौ दिनों की हिरासत में ले लिया. सूत्रों के मुताबिक, पुनीत गर्ग के बयान के आधार पर अनिल अंबानी से भी पूछताछ की जाएगी.

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Punit Garg ED custody: ईडी ने आरकॉम के पूर्व प्रेसिडेंट को कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया. आगे क्या होगा, यह जांच के बाद पता चलेगा?

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-01-31 11:53:00

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Punit Garg ED custody: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया है. गर्ग पर कथित तौर पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड का मामला सामने आया. अधिकारियों ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी. ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग बिजनेसमैन अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस में पूर्व अध्यक् रह चुके हैं. एक बयान के मुताबिक, दिल्ली की एक विशेष PMLA अदालत ने उन्हें नौ दिनों के लिए प्रवर्तन विभाग की हिरासत में भेजा. 

आरकॉम के पूर्व प्रेसिडेंट पर मनी लॉड्रिंग का मामला

ईडी ने बताया कि पुनीत गर्ग पर कथित रुप से 40 हजार करोड़ की मनी लॉड्रिंग का मामला है. ईडी की दी गई जानकारी के हिसाब से गर्ग की पत्नी के नाम पर शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स थे, इन्हें फिलहाल जब्त कर लिया गया है. ईडी ने यह दावा किया है कि गर्ग ने साल 2001 से 2025 तक की अवधि के दौरान बैंक धोखाधड़ी से हुई इनकम को प्राप्त करने, रखने, छिपाने सहित लेयरिंग करने और खर्च करने में, गर्ग का हाथ रहा. एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर धन की बड़ी मात्रा में हेराफेरी की गई. 

पद का किया दुरुपयोग

एजेंसी के अनुसार, पुनीत गर्ग ने अपने कार्यकाल के दौरान पद का गलत इस्तेमाल किया और वित्तीय संबंधी हेराफेरी की. ED ने एक बयान में कहा कि जांच में पता चला है कि अपराध की कमाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम अपार्टमेंट खरीदने के लिए डायवर्ट किया गया था. इस प्रॉपर्टी को RCOM के कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान पुनीत गर्ग ने धोखाधड़ी से बेचा था. 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री की रकम को अमेरिका से एक दुबई-बेस्ड कंपनी के साथ एक फर्जी इन्वेस्टमेंट अरेंजमेंट के बहाने भेजा गया था. इसे पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा कंट्रोल किया जाता था. यह सब रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की जानकारी या सहमति के बिना किया गया था.

ईडी के जाल में फंसे गर्ग

सेंट्रल एजेंसी ने गर्ग पर RCOM द्वारा लिए गए बैंक लोन को अपने पर्सनल खर्चों के लिए डायवर्ट करने का भी आरोप लगाया है. इसमें उनके बच्चों की विदेश में पढ़ाई से जुड़े पेमेंट भी शामिल हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद गर्ग को राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. एजेंसी ने उन्हें मामले में आगे की पूछताछ के लिए नौ दिनों की हिरासत में ले लिया. सूत्रों के मुताबिक, पुनीत गर्ग के बयान के आधार पर अनिल अंबानी से भी पूछताछ की जाएगी.

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