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RBI New Rule Credit Score: आज के टाइम में लोन, क्रेडिट कार्ड और EMI पर कोई भी सुविधा लेने के लिए सबसे पहले जो चीज देखी जाती है, वह है आपका क्रेडिट स्कोर. यहीं स्कोर तय करता है कि बैंक आप पर भरोसा कर सकता है या नहीं. अब भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट स्कोर से जुड़े नियमों में थोड़ा सख्त और ज्यादा पारदर्शी कर दिया है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि अब हमारे क्रेडिट स्कोर कैसे कैलकुलेट किये जाएंगे और अब वह कौन-सी छोटी-छोटी बातें है, जो मायने रखी जाएंगी.
कैसे कैलकुलेट होगा क्रेडिट स्कोर?
RBI द्वारा बनाए गए नए नियमों में आपका क्रेडिट स्कोर केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कभी लोन लिया है या नहीं बल्कि इस बात पर करेगा कि आप समय से भुगतान कर रहें है या नहीं. आपकी क्रेडिट लिमिट का कितना इस्तेमाल हो रहा है, छोटे लोन और आपके क्रेडिट कार्ड बिल्स को आप कितनी नियमितता से चुका रहे है. किसी भुगतान में देरी होने पर वह कितनी जल्दी रिपोर्ट होती है.
क्या छोटी-छोटी बाते ज्यादा मायने रखती है?
पहले कई बार ऐसा होता था कि एक दो दिन के देरी या छोटी अमाउंट समय पर रिपोर्ट नहीं होता था. लेकिन अब नए नियमों के बाद अगर आपकी एक EMI भी लेट हो गई तो वह आपका स्कोर गिरा सकता है. अगर आप सिर्फ मिनिमल ड्यू अमाउंट भरते है तो वह भी आदत भी आपके स्कोर पर निगेटिव असर डाल सकती है और साथ ही अगर आप बार-बार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल 70-80 प्रतिशत तक करते है तो वह भी आपके स्कोर के लिए जोखिम भरा काम है. इसके तहत अब फाइनेशियल अनुसाशन सिर्फ बड़े लोन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के खर्च भी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल बना या बिगाड़ सकती है.
क्रेडिट स्कोर का किन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर?
RBI के इस बदलाव का असर कई जरूरी सेवाओं पर दिखाई देगा, जिसमें-
- पर्सनल लोन और होम लोन: कम क्रेडिट स्कोर वालों के लिए ज़्यादा इंटरेस्ट रेट
- क्रेडिट कार्ड अप्रूवल: आपको कम क्रेडिट लिमिट मिल सकती है या आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकता है
- अभी खरीदें, बाद में पेमेंट करें (BNPL) सर्विस: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया ज़्यादा सख्त होंगे
- फिनटेक ऐप्स और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म: डेटा ज़्यादा बार अपडेट किया जाएगा
- मोबाइल फोन, लैपटॉप और कारों जैसी चीज़ों को EMI (बराबर मासिक किस्तों) पर खरीदना मुश्किल हो सकता है