Budget 2026 Expectations: कुछ ही दिनों में यानी कि 1 फरवरी को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे रविवार, 1 फरवरी, 2026 को लोकसभा में पेश करेंगी. यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है. इससे पहले मोरारजी देसाई के नाम सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड था, कुल 10 जिनमें से आठ पूर्ण बजट थे और दो अंतरिम बजट थे.
इस बार सबसे खास बात यह है कि आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब बजट रविवार को पेश किया जा रहा है, जो सच में एक ऐतिहासिक घटना है. हालांकि, बजट कभी-कभी शनिवार को भी पेश किए गए हैं, जैसे कि अरुण जेटली द्वारा 2015 और 2016 में पेश किए गए बजट, लेकिन यह रविवार को पेश होने वाला पहला मामला है.
लोगों को इस बजट से क्या उम्मीद है? (What are people expecting from this budget?)
इस साल के बजट से आम जनता और विभिन्न उद्योग विशेषज्ञों को काफी उम्मीदें हैं. किसान पीएम किसान, फसल बीमा और सिंचाई कार्यक्रमों जैसी योजनाओं के तहत ज्यादा पैसे की उम्मीद कर रहे हैं. उद्योग को विकास के लिए नीतिगत समर्थन, टैक्स सरलीकरण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली घोषणाओं की उम्मीद है. उम्मीद है कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएगा. लोग वित्त मंत्री की घोषणाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि वैश्विक तनाव के बीच यह बजट बहुत महत्वपूर्ण होगा.
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ऑटो सेक्टर की क्या मांग है? (What are the demands of the auto sector?)
ऑटो सेक्टर की एक और मुख्य मांग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के नियमों को आसान बनाना है. डेलॉइट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 50% घरेलू वैल्यू एडिशन की मौजूदा शर्त कई कंपनियों के लिए एक बड़ी बाधा है. उद्योग को उम्मीद है कि सरकार बजट 2026 में इन शर्तों में ढील देगी, जिससे छोटे और मध्यम आकार के कंपोनेंट निर्माताओं को भी इस योजना का लाभ मिल सके और भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सके.