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Central Excise Duty on CNG: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को लगातार अपना 9वां बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने बायोगैस और CNG को लेकर एक बड़ी घोषणा की है, जिसमें अब बायो-CNG में कुछ टैक्स से छूट दी जाएगी. इस घोषणा से गाड़ी चलाने वालों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इससे गाड़ी चलाना सस्ता हो जाएगा और हवा भी साफ़ होगी. यह इस साल के बजट के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है, जिससे आम आदमी को सीधा फ़ायदा होगा.
घोषणा में वित्त मंत्री ने क्या बतााय?
आज संसद में अपना नौवां बजट पेश करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि बायोगैस-मिश्रित CNG पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना करते समय अब बायोगैस के पूरे मूल्य को शामिल नहीं किया जाएगा. इसका सीधा फ़ायदा यह होगा कि बायोगैस-मिश्रित CNG सस्ती हो जाएगी और उस पर टैक्स का बोझ कम हो जाएगा. पहले, गणना में बायोगैस का मूल्य भी शामिल किया जाता था.
बायोगैस कैसे बनती है कम ईंधन वाली कार्बन?
बायोगैस कृषि कचरे, फसल के अवशेष और अन्य कचरा सामग्री से बनती है. इसे रेगुलर CNG के साथ मिलाकर कम कार्बन वाला ईंधन बनाया जाता है. यह ईंधन धीरे-धीरे ऑटोमोबाइल सेक्टर में लोकप्रिय हो रहा है। कई वाहन निर्माता तेज़ी से ऐसे वाहन पेश कर रहे हैं जो इस तरह के ईंधन पर चलते हैं. सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण को होने वाला नुकसान कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
पहले क्या नियम थे?
2023 में, सरकार ने बायोगैस के संबंध में आंशिक राहत दी थी. उस समय, बायोगैस पर दिए गए GST को ही उत्पाद शुल्क से घटाया जाता था. हालांकि, बायोगैस के पूरे मूल्य पर पूरी छूट नहीं दी गई थी। इससे दोहरा टैक्स लगने का असर होता था. वर्तमान में, रेगुलर CNG पर लगभग 14 प्रतिशत केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगता है. इसका मतलब है कि CNG के प्रति किलोग्राम पर लगभग 14 से 15 रुपये टैक्स के रूप में जोड़े जाते हैं. पुराने नियमों के तहत, बायोगैस-मिश्रित CNG के बायोगैस वाले हिस्से पर भी लगभग 9 प्रतिशत टैक्स लगता था.
नई नीति से कितनी राहत मिलेगी?
आज की नई घोषणा से, बायोगैस के पूरे मूल्य पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. इससे CNG की कीमत में प्रति किलोग्राम कुछ रुपये की कमी आ सकती है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस राहत का सीधा फ़ायदा उपभोक्ताओं को होगा. इस फैसले से CNG से चलने वाले ट्रकों, कारों और तिपहिया वाहनों के ड्राइवरों के लिए ऑपरेटिंग लागत कम हो जाएगी. विशेष रूप से, यह कमर्शियल वाहन चलाने वालों के लिए डीजल का एक सस्ता विकल्प प्रदान करेगा. सरकार की यह पहल न केवल सस्ती बायोगैस-आधारित CNG उपलब्ध कराएगी बल्कि तेल आयात पर निर्भरता भी कम करेगी.