सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर
चीन को देगी टक्कर
सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार करने की घोषणा को बड़े पैमाने पर चीन की प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को कड़ी टक्कर देने और उसके एकाधिकार को तोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. इसके अलावा, सरकार के रेयर अर्थ्स पर जोर देने से माइनिंग और मैग्नेट शेयरों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिससे आखिरकार निवेशकों पर असर पड़ेगा. माइनिंग काउंसिल ईस्टर्न इंडिया एसोचैम के चेयरमैन संजीव गनेरीवाला ने इस कदम का स्वागत किया.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, गनेरीवाला ने कहा कि इससे फोन, डिफेंस और स्पेस इक्विपमेंट, EVs और दूसरे आधुनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्माण के लिए नई टेक्नोलॉजी के विकास और उन पर ज़्यादा फोकस होगा. उन्होंने कहा कि डिजिटली सक्षम ऑटोमेशन सर्विस ब्यूरो स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर और कम लागत पर हाई प्रिसिशन कंपोनेंट्स को डिज़ाइन, टेस्ट और मैन्युफैक्चर करेंगे. सरकार कुशल वर्कफोर्स विकसित करने के लिए इंडस्ट्री के नेतृत्व वाले ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस बढ़ाने की योजना बना रही है. सीतारमण ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2025 के लिए खर्च को बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया जाएगा.