Live
Search
Home > बिज़नेस > क्या है Intraday Trading? 90% से ज्यादा लोगों को क्यों उठाना पड़ता है घाटा, समझें लॉजिक

क्या है Intraday Trading? 90% से ज्यादा लोगों को क्यों उठाना पड़ता है घाटा, समझें लॉजिक

सही स्ट्रेटेजी और फंडामेंटल जानकारी नहीं होने के चलते लोग एक दिम में ही ट्रेडिंग में हजारों लाखों रुपये गवां भी देते हैं. इसलिए अगर आप भी Intraday Trading करने की सोच रहे हैं तो पहले इस लेख को जरूर पढ़ लें.

Written By: Kunal Mishra
Last Updated: March 22, 2026 18:58:04 IST

Mobile Ads 1x1

what is intraday trading: पिछले कुछ सालों में ट्रेडिंग का नाम न केवल लोकप्रिय हुआ है, बल्कि ट्रेडिंग की ओर लोगों का रुझान भी काफी बढ़ा है. सोशल मीडिया पर अक्सर लोग दावा करते हैं कि वे ट्रेडिंग से लाखों रुपये कमाते हैं. हालांकि, ट्रैडिंग कई तरीके की होती हहै. लेकिन ज्यादातर लोग Intraday Trading का डजिक्र करते हैं. लक्या वाकई में ट्रेडिंग से पैसे कमाए जा सकते हैं. लेकिन, इसमें 90 फीसदी से ज्यादा लोगों काो घाटा भी झेलना पड़ता है.

सही स्ट्रेटेजी और फंडामेंटल जानकारी नहीं होने के चलते लोग एक दिम में ही ट्रेडिंग में हजारों लाखों रुपये गवां भी देते हैं. इसलिए अगर आप भी Intraday Trading करने की सोच रहे हैं तो पहले इस लेख को जरूर पढ़ लें. 

क्या होता है Intraday Trading? 

Intraday Trading शेयर मार्केट में निवेश करने या पैसे कमाने का तरीका है. इसके तहत आपको अलग-अलग सेक्टर्स और कंपनियों के शेयर खरीदने होते हैं और मुनाफा होने के बाद उन्हें बेच देना होता है. लेकिन, यह खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया आपको केवल एक ही दिन में पूरी करनी होती है. फिर चाहे आपको घाटा हो या मुनाफा. Intraday Trading में आप केवल 9:15 AM से 3:30 PM के बीच ही ट्रेड ले सकते हैं. ट्रेड या शेयर लेने के बाद आपको उसे दिनभर के लिए होल्ड करके पोजिशन लेनी होती, जिसके बाद उसे घाटे या मुनाफे में बेच देना होता है. 

90 फीसदी से ज्यादा लोग क्यों हैं घाटे में? 

Intraday Trading में पैसे बनाना उतना आसान नहीं है, जितना आमतौर पर लोग सोचते हैं. यहां 90 फीसदी से ज्यादा लोगों के फेल होने या घाटा खाने का कारण है कि उन्हें मार्केट के ट्रेंड और मूव्स की सही पहचान नहीं होती है. लोग ठीक से रिसर्च किए बना ही इसमें पैसे लगा देते हैं. ट्रेड लेने के बाद स्टॉप लॉस नहीं लगाना भी इसमें फेल होने का एक बड़ा कारण माना जाता है. कुछ लोग मार्केट के मोमेंटम को नहीं देखते हैं और अपना पुराना लॉस रिकवर करने के चलते और ज्यादा लॉस कर बैठते हैं. वहीं, कई बार कुछ लोग ओवरट्रेडिंग भी कर देते हैं, जिसके चलते उन्हें घाटा उठाना पड़ता है. 

MORE NEWS

Home > बिज़नेस > क्या है Intraday Trading? 90% से ज्यादा लोगों को क्यों उठाना पड़ता है घाटा, समझें लॉजिक

Written By: Kunal Mishra
Last Updated: March 22, 2026 18:58:04 IST

Mobile Ads 1x1

what is intraday trading: पिछले कुछ सालों में ट्रेडिंग का नाम न केवल लोकप्रिय हुआ है, बल्कि ट्रेडिंग की ओर लोगों का रुझान भी काफी बढ़ा है. सोशल मीडिया पर अक्सर लोग दावा करते हैं कि वे ट्रेडिंग से लाखों रुपये कमाते हैं. हालांकि, ट्रैडिंग कई तरीके की होती हहै. लेकिन ज्यादातर लोग Intraday Trading का डजिक्र करते हैं. लक्या वाकई में ट्रेडिंग से पैसे कमाए जा सकते हैं. लेकिन, इसमें 90 फीसदी से ज्यादा लोगों काो घाटा भी झेलना पड़ता है.

सही स्ट्रेटेजी और फंडामेंटल जानकारी नहीं होने के चलते लोग एक दिम में ही ट्रेडिंग में हजारों लाखों रुपये गवां भी देते हैं. इसलिए अगर आप भी Intraday Trading करने की सोच रहे हैं तो पहले इस लेख को जरूर पढ़ लें. 

क्या होता है Intraday Trading? 

Intraday Trading शेयर मार्केट में निवेश करने या पैसे कमाने का तरीका है. इसके तहत आपको अलग-अलग सेक्टर्स और कंपनियों के शेयर खरीदने होते हैं और मुनाफा होने के बाद उन्हें बेच देना होता है. लेकिन, यह खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया आपको केवल एक ही दिन में पूरी करनी होती है. फिर चाहे आपको घाटा हो या मुनाफा. Intraday Trading में आप केवल 9:15 AM से 3:30 PM के बीच ही ट्रेड ले सकते हैं. ट्रेड या शेयर लेने के बाद आपको उसे दिनभर के लिए होल्ड करके पोजिशन लेनी होती, जिसके बाद उसे घाटे या मुनाफे में बेच देना होता है. 

90 फीसदी से ज्यादा लोग क्यों हैं घाटे में? 

Intraday Trading में पैसे बनाना उतना आसान नहीं है, जितना आमतौर पर लोग सोचते हैं. यहां 90 फीसदी से ज्यादा लोगों के फेल होने या घाटा खाने का कारण है कि उन्हें मार्केट के ट्रेंड और मूव्स की सही पहचान नहीं होती है. लोग ठीक से रिसर्च किए बना ही इसमें पैसे लगा देते हैं. ट्रेड लेने के बाद स्टॉप लॉस नहीं लगाना भी इसमें फेल होने का एक बड़ा कारण माना जाता है. कुछ लोग मार्केट के मोमेंटम को नहीं देखते हैं और अपना पुराना लॉस रिकवर करने के चलते और ज्यादा लॉस कर बैठते हैं. वहीं, कई बार कुछ लोग ओवरट्रेडिंग भी कर देते हैं, जिसके चलते उन्हें घाटा उठाना पड़ता है. 

MORE NEWS