UGC regulations: UGC के नए नियम 2026 पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगने के बाद उच्च शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों में असमंजस की स्थिति है. यूजीसी के नए नियमों के मामलों में पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ये नया नियम अस्पष्ट है और इनके दुरुपयोग आसानी से हो सकता है.
जस्टिस जोयमाल्या बागची और चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान काफी सख्त बातें कही. CJI ने कहा कि हमें जातिविहीन समाज की तरफ बढ़ना चाहिए, न कि उल्टी दिशा में जाना चाहिए. उन्होंने ये भी पूछा कि क्या हमारा रास्ता सही हैं या नहीं. जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है, उनके लिए सही व्यवस्था होनी चाहिए.
न्यायालय का कहना है कि अगर ऐसे नियम बिना सही से सोच-विचार किए लागू होते हैं तो समाज में बंटवारा बढ़ेगा और गंभीर असर पड़ेगा.
अभी कौन-सान रूल्स लागू रहेगा
चीफ जस्टिस ने निर्देश देते हुए कहा कि अभी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे. कोर्ट का कहना है कि रेगुलेशन में जिन शब्दों का प्रयोग हुआ है उससे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है. जस्टिस बागची का कहना है कि हम समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रहे हैं.
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं.
रेगुलेशन में दुरुपयोग की आशंका
सवाल यह है कि क्या इस नए कानून के जरिए हम और पीछे की ओर जा रहे हैं? चीफ जस्टिस ने कहा कि रेगुलेशन में प्रयोग किए गए शब्दों से यह पता चलता है कि इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.