Live TV
Search
Home > बिज़नेस > WhatsApp: क्या आपका डेटा सुरक्षित है? Elon Musk और Telegram CEO के बयान से हड़कंप, प्राइवेसी विवाद

WhatsApp: क्या आपका डेटा सुरक्षित है? Elon Musk और Telegram CEO के बयान से हड़कंप, प्राइवेसी विवाद

WhatsApp Data: WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, Elon Musk और Pavel Durov ने एन्क्रिप्शन को लेकर चिंता जताई है. पता लगाइए कि आपका डेटा सचमुच सुरक्षित है या नहीं.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-04-10 19:03:11

Mobile Ads 1x1

WhatsApp Data: हाल ही में व्हाट्सएप की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने व्हाट्सएप के एन्क्रिप्शन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वो कहते है कि भले ही व्हाट्सएप अपने यूजर्स को यह भरोसा दिलाता है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं, लेकिन असल में यह उतना सुरक्षित नहीं है जितना यह दावा करता है.

सभी आरोप झूठे: मेटा

हालांकि, व्हाट्सएप की मूल कंपनी, मेटा ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है. कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि संदेशों को केवल भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है.

पावेल दुरोव और एलन मस्क ने का बयान

टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव ने तो यहां तक कह दिया कि व्हाट्सएप की सुरक्षा इतिहास का सबसे बड़ा उपभोक्ता फ्रॉड है. उनका आरोप है कि व्हाट्सएप यूजर की प्राइवेसी से समझौता करता है और यूजर्स के मैसेज पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के कर्मचारी या थर्ड-पार्टी प्लेटफ़ॉर्म यूज़र के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं.

इस बीच, एलन मस्क ने भी X (पहले Twitter) पर व्हाट्सएप के प्रति अपना अविश्वास जाहिर करते हुए लिखा कि व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद मैसेजिंग फिचर को ज्यादा सुरक्षित बताया है.

Meta का जवाब

मेटा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद बताया है. कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप सिगनल प्रोटोकॉल पर आधारित एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है, जिससे यह पक्का होता है कि कोई भी तीसरा पक्ष आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता.

मेटा ने यह भी साफ किया कि व्हाट्सएप का मॉडरेशन सिस्टम एन्क्रिप्शन को नहीं तोड़ता है. अगर कोई यूजर किसी चैट की रिपोर्ट करता है, तो उस रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाती है, न कि सीधे मैसेज को एक्सेस करके कुछ किया जाता है.

क्या WhatsApp एक्सेस हो सकता है

इस विवाद की जड़ कुछ रिपोर्टों में किए गए उन दावों में है कि व्हाट्सएप संदेशों को मॉडरेशन के उद्देश्य से तीसरे पक्ष द्वारा एक्सेस किया जा सकता है. दूसरे शब्दों में, यदि किसी संदेश की रिपोर्ट की जाती है, तो उसकी समीक्षा करने के लिए बाहरी कंपनियों की मदद ली जा सकती है. इसने उपयोगकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर बढ़ती चिंता को हवा दी है कि क्या उनकी निजी चैट वास्तव में सुरक्षित हैं. यह मुद्दा अब डिजिटल गोपनीयता से जुड़ी व्यापक बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है.

MORE NEWS

Home > बिज़नेस > WhatsApp: क्या आपका डेटा सुरक्षित है? Elon Musk और Telegram CEO के बयान से हड़कंप, प्राइवेसी विवाद

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-04-10 19:03:11

Mobile Ads 1x1

WhatsApp Data: हाल ही में व्हाट्सएप की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने व्हाट्सएप के एन्क्रिप्शन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वो कहते है कि भले ही व्हाट्सएप अपने यूजर्स को यह भरोसा दिलाता है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं, लेकिन असल में यह उतना सुरक्षित नहीं है जितना यह दावा करता है.

सभी आरोप झूठे: मेटा

हालांकि, व्हाट्सएप की मूल कंपनी, मेटा ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है. कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि संदेशों को केवल भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है.

पावेल दुरोव और एलन मस्क ने का बयान

टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव ने तो यहां तक कह दिया कि व्हाट्सएप की सुरक्षा इतिहास का सबसे बड़ा उपभोक्ता फ्रॉड है. उनका आरोप है कि व्हाट्सएप यूजर की प्राइवेसी से समझौता करता है और यूजर्स के मैसेज पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के कर्मचारी या थर्ड-पार्टी प्लेटफ़ॉर्म यूज़र के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं.

इस बीच, एलन मस्क ने भी X (पहले Twitter) पर व्हाट्सएप के प्रति अपना अविश्वास जाहिर करते हुए लिखा कि व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद मैसेजिंग फिचर को ज्यादा सुरक्षित बताया है.

Meta का जवाब

मेटा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद बताया है. कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप सिगनल प्रोटोकॉल पर आधारित एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है, जिससे यह पक्का होता है कि कोई भी तीसरा पक्ष आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता.

मेटा ने यह भी साफ किया कि व्हाट्सएप का मॉडरेशन सिस्टम एन्क्रिप्शन को नहीं तोड़ता है. अगर कोई यूजर किसी चैट की रिपोर्ट करता है, तो उस रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाती है, न कि सीधे मैसेज को एक्सेस करके कुछ किया जाता है.

क्या WhatsApp एक्सेस हो सकता है

इस विवाद की जड़ कुछ रिपोर्टों में किए गए उन दावों में है कि व्हाट्सएप संदेशों को मॉडरेशन के उद्देश्य से तीसरे पक्ष द्वारा एक्सेस किया जा सकता है. दूसरे शब्दों में, यदि किसी संदेश की रिपोर्ट की जाती है, तो उसकी समीक्षा करने के लिए बाहरी कंपनियों की मदद ली जा सकती है. इसने उपयोगकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर बढ़ती चिंता को हवा दी है कि क्या उनकी निजी चैट वास्तव में सुरक्षित हैं. यह मुद्दा अब डिजिटल गोपनीयता से जुड़ी व्यापक बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है.

MORE NEWS